केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती; पार्टी बोली-रूटीन चेकअप के लिए गए हैं, चिंता की कोई बात नहीं

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी को पटना के कंकड़बाग स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों और उनके समर्थकों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई। हालांकि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि केंद्रीय मंत्री पूरी तरह स्वस्थ हैं और केवल रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। पार्टी के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने आधिकारिक बयान जारी कर मांझी के समर्थकों और आम जनता से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती; पार्टी बोली-रूटीन चेकअप के लिए गए हैं, चिंता की कोई बात नहीं

DESWA DESK : केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी को पटना के कंकड़बाग स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों और उनके समर्थकों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई।

 हालांकि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि केंद्रीय मंत्री पूरी तरह स्वस्थ हैं और केवल रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। पार्टी के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने आधिकारिक बयान जारी कर मांझी के समर्थकों और आम जनता से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

पार्टी नेताओं ने कहा कि जीतन राम मांझी की तबीयत बिल्कुल ठीक और सामान्य है। चिकित्सकों की देखरेख में उनके कुछ सामान्य पैथोलॉजिकल और रूटीन टेस्ट किए जा रहे हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया पूरी होते ही वे अस्पताल से डिस्चार्ज होकर पुनः अपने जनसेवा के कार्यों में सक्रिय हो जाएंगे।

 मांझी के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलते ही एनडीए के कई स्थानीय नेता और हम पार्टी के पदाधिकारी उनका हालचाल जानने के लिए मेदांता अस्पताल पहुंचने लगे। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य है। डॉक्टरों की टीम उनकी विभिन्न स्वास्थ्य जांच रिपोर्टों का अध्ययन कर रही है, जिसके बाद उन्हें जल्द ही छुट्टी दिए जाने की संभावना है।