TRE-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के विरोध में आज पूरे बिहार में CM सम्राट चौधरी का पुतला दहन
पटना में TRE-4 शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में अब आंदोलन और तेज हो गया है। भाकपा–माले, आइसा और आरवाईए ने संयुक्त रूप से पूरे बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन...
पटना में TRE-4 शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में अब आंदोलन और तेज हो गया है। भाकपा–माले, आइसा और आरवाईए ने संयुक्त रूप से पूरे बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन करने और विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। संगठनों के मुताबिक पटना में शाम 4:30 बजे GPO गोलंबर के पास सभी अभ्यर्थी और समर्थक जुटेंगे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। छात्र संगठनों ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे युवाओं पर पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की।
युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश
तीनों संगठनों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यह केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि रोजगार और अधिकार की मांग उठाने वाले युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा–जदयू सरकार युवाओं की समस्याओं को सुनने के बजाय आंदोलन को बलपूर्वक कुचलना चाहती है।वहीं तीनों संगठनों ने मांग किया है कि तत्काल TRE-4 की वैकेंसी जारी की जाए, अभ्यर्थियों की सभी जायज मांगों को पूरा किया जाए, लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और घायल अभ्यर्थियों के इलाज और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
भाजपा–जदयू सरकार की दमनकारी मानसिकता
इस प्रदर्शन को लेकर इन तीनों संगठन का कहना है कि अपने भविष्य, रोजगार और शिक्षक बहाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे TRE-4 अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा बर्बरता से लाठीचार्ज करना भाजपा–जदयू सरकार की दमनकारी मानसिकता का खुला प्रदर्शन है। जिन युवाओं के हाथों में कल देश और समाज की शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी, आज उसी युवा पीढ़ी को अपराधियों की तरह सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जा रहा है
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लाखों पद खाली पड़े
संगठनों का कहना है कि बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लाखों पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बजाय युवाओं पर लाठियां बरसा रही है। उन्होंने कहा कि जब भी नौजवान रोजगार और शिक्षा के सवाल पर सड़क पर उतरते हैं, सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल करती है।
हजारों छात्र पटना की सड़कों पर उतरे थे।
दरअसल, शिक्षक भर्ती को लेकर लगातार तारीखों में बदलाव और स्पष्ट नोटिफिकेशन जारी नहीं होने से अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। इसी के विरोध में हजारों छात्र पटना की सड़कों पर उतरे थे। JP गोलंबर से लेकर डाकबंगला चौराहा तक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया। लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थियों के घायल होने की बात सामने आई है। छात्र संगठनों ने महिला अभ्यर्थियों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया है। अब इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।













