बिहार कैबिनेट विस्तार पर सस्पेंस: कब होगा मंत्रिमंडल विस्तार?
बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं, और उनके नेतृत्व में नई सरकार...
बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं, और उनके नेतृत्व में नई सरकार का गठन हो चुका है। सरकार बनने के साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कैबिनेट विस्तार कब होगा।
सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज
दरअसल, नई सरकार के गठन के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि जैसे ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की हलचल खत्म होगी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी कैबिनेट का विस्तार कर सकते हैं।
राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ने की उम्मीद
फिलहाल स्थिति यह है कि भाजपा के कई बड़े नेता बंगाल चुनाव में व्यस्त हैं, जिसके कारण बिहार में यह प्रक्रिया थोड़ी धीमी पड़ गई है लेकिन ऐसा बताया जा रहा है कि जैसे ही चुनावी माहौल शांत होगा, पटना में राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।अभी मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव सरकार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन जल्द ही मंत्रिमंडल का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती
हालांकि, यह काम इतना आसान नहीं होगा। संवैधानिक नियमों के तहत बिहार में अधिकतम 36 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी—सीमित संख्या में जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन बनाना। सूत्रों के मुताबिक, इस बार कुछ बड़े फैसले भी देखने को मिल सकते हैं। जिन मंत्रियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है, उनकी छुट्टी हो सकती है, जबकि कुछ नए चेहरों को मौका देकर सरकार जनता को एक नया संदेश देने की तैयारी में है।
भाजपा की हिस्सेदारी जदयू से ज्यादा
वहीं, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह भी माना जा रहा है कि इस बार मंत्रिमंडल में भाजपा की हिस्सेदारी जदयू से ज्यादा हो सकती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के पास मौजूद कई अहम विभागों का बंटवारा सहयोगी दलों और अन्य नेताओं के बीच किया जाएगा।सहयोगी दलों की भूमिका भी इस विस्तार में काफी अहम रहने वाली है। उपेंद्र कुशवाहा अपने बेटे को लेकर अंतिम फैसला ले सकते हैं, जबकि लोजपा (रामविलास) से मंत्री कौन बनेगा, यह निर्णय चिराग पासवान के हाथ में होगा।
बता दें कि , बिहार का यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी होगा, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।













