निःशुल्क धार्मिक यात्रा : श्रद्धालुओं से भरी स्पेशल ट्रेन सोमनाथ धाम के लिए रवाना, सीएम सम्राट चौधरी ने दिखाई हरी झंडी

भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों में सबसे प्रमुख माने जाने वाले सोमनाथ धाम के दर्शन की अभिलाषा लिए बिहार से 11 सौ श्रद्धालुओं का जत्था विशेष ट्रेन से रवाना हो गया है। इस सात दिवसीय तीर्थयात्रा के आने-जाने से लेकर श्रद्धालुओं के वहां ठहरने और भोजन तक का पूरा इंतजाम बिहार और गुजरात की सरकार के स्तर से किया गया है। 

निःशुल्क धार्मिक यात्रा : श्रद्धालुओं से भरी स्पेशल ट्रेन सोमनाथ धाम के लिए रवाना, सीएम सम्राट चौधरी ने दिखाई हरी झंडी

DESWA DESK : भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों में सबसे प्रमुख माने जाने वाले सोमनाथ धाम के दर्शन की अभिलाषा लिए बिहार से 11 सौ श्रद्धालुओं का जत्था विशेष ट्रेन से रवाना हो गया है। इस सात दिवसीय तीर्थयात्रा के आने-जाने से लेकर श्रद्धालुओं के वहां ठहरने और भोजन तक का पूरा इंतजाम बिहार और गुजरात की सरकार के स्तर से किया गया है। 

सरकार की ओर से निःशुल्क व्यवस्था
राज्य के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से आयोजित इस निशुल्क तीर्थयात्रा को पाटलिपुत्र जंक्शन से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सात दिनों तक चलने वाली इस यात्रा अवधि में श्रद्धालुओं को दर्शन से लेकर आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन, चिकित्सा और सुरक्षा तक की पूरी जवाबदेही सरकार की ओर से मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। इसे लेकर कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में यात्रा मद में करीब 2.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी।

सात दिवसीय तीर्थयात्रा
यह सात दिवसीय तीर्थयात्रा 20 जुलाई से 26 जुलाई तक चलेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु गुजरात स्थित विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के साथ-साथ आसपास के प्रमुख धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों का भी भ्रमण करेंगे। पूरी यात्रा भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के सहयोग से सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है।

22 जुलाई को वेरावल पहुंचेंगे श्रद्धालु
तय यात्रा कार्यक्रम के अनुसार यह विशेष ट्रेन लगभग 44 घंटे की यात्रा पूरी करने के बाद 22 जुलाई की सुबह 11 बजे गुजरात के वेरावल स्टेशन पहुंचेगी। यह ट्रेन आधुनिक एलएचबी रैक से लैस है। इसमें कुल 19 कोच लगाए गये है, जिनमें 16 कोच तीसरी श्रेणी के एसी कोच होने के अतिरिक्त एक पैंट्री कार और दो पॉवर जेनरेशन कोच शामिल हैं। गुजरात सरकार की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन एवं स्वागत, विदाई समारोह की व्यवस्था की गई है। 

26 जुलाई को विशेष ट्रेन से पटना वापसी
उपलब्ध कराई गई विशेष परिवहन व्यवस्था की मदद से श्रद्धालुओं को वेरावल स्टेशन से सीधे सोमनाथ धाम ले जाया जाएगा। 22 एवं 23 जुलाई को श्रद्धालु सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना एवं दर्शन करेंगे। साथ ही आसपास के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी करेंगे। दर्शन एवं भ्रमण पूरा होने के बाद श्रद्धालु 24 जुलाई को इसी विशेष ट्रेन से पटना के लिए वेरावल से प्रस्थान करेंगे। यह विशेष ट्रेन 26 जुलाई को पटना पहुंचेगी। इसके साथ ही सात दिवसीय यह यात्रा संपन्न हो जाएगी।

इमरजेंसी सेवा के लिए मेडिकल टीम भी मौजूद
यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए एक मेडिकल टीम भी रवाना की गई है। इस टीम में डॉक्टर के साथ ही महिला एवं पुरुष पारा मेडिकल कर्मी भी शामिल हैं। ट्रेन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पांच पुलिसकर्मियों को भेजा गया है।

आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है आयोजन
सोमनाथ मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में प्रभास पाटन क्षेत्र के पास स्थित है। यह मंदिर अरब सागर के तट पर अवस्थित है। बीते सदियों में अनेक बार विदेशी आक्रमणों का सामना इस मंदिर को करना पड़ा है। बावजूद इसके श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और जनसहयोग से इसका हर बार पुनर्निर्माण किया गया है, जो भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और स्वाभिमान का प्रतीक है।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अभियान के तहत आयोजन
इस बार आयोजित की जा रही यह तीर्थयात्रा सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर की गई है। इसका उद्देश्य मंदिर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के प्रति जनजागरूकता को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से संचालित राष्ट्रीय अभियान 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की अटूट आस्था' के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। बिहार सरकार की कला, संस्कृति एवं युवा विभाग इस यात्रा के माध्यम से राज्य के श्रद्धालुओं को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने तथा जनभागीदारी और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने का प्रयास कर रहा है।