पटना में फिल्मी अंदाज में 20 करोड़ की गोल्ड लूट का खुलासा, ‘फर्जी कस्टम अधिकारी’ बनकर वारदात को दिया था अंजाम
पटना में हाल ही में हुई करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की सनसनीखेज लूट मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कस्टम अधिकारी बनकर कारोबारियों को निशाना बनाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।यह वारदात दानापुर के खगौल थाना क्षेत्र में बीते शनिवार.....
पटना में हाल ही में हुई करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की सनसनीखेज लूट मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कस्टम अधिकारी बनकर कारोबारियों को निशाना बनाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।यह वारदात दानापुर के खगौल थाना क्षेत्र में बीते शनिवार को हुई थी।
कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है
बता दें कि गुजरात के राजकोट निवासी महेश मामतोरा और प्रिंस रामपरिया अहमदाबाद से सहरसा एक्सप्रेस के जरिए पटना पहुंचे थे। उनके पास 14.900 किलोग्राम सोने के जेवर थे, जिसकी कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है।दानापुर स्टेशन से बाकरगंज जाने के दौरान खगौल ओवरब्रिज पर बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में उन्हें घेर लिया। सफेद शर्ट और खाकी पैंट पहने अपराधियों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताया और जांच के नाम पर तीनों बैग जब्त कर लिए। इसके बाद दोनों व्यापारियों को बंधक बनाकर सोना लूट लिया और फरार हो गए।
पुलिस का खुलासा
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों को मेहंदीगंज थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरनाथ उर्फ गोपी (मुख्य सरगना), आदित्य गिरी उर्फ सोनी और संजय कुमार के रूप में हुई है।पुलिस ने इनके पास से 5.400 ग्राम सोना, 9 राउंड गोली,1.97 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
डेढ़ साल से कर रहे थे रेकी
जांच में सामने आया है कि गिरोह पिछले डेढ़ साल से कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। आरोपी चाय की दुकानों तक पर बैठकर रेकी करते थे और पूरी जानकारी डायरी में नोट करते थे। वारदात के बाद इस डायरी को जला दिया गया।पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने यूट्यूब वीडियो देखकर खुद को कस्टम अधिकारी के रूप में पेश करने की योजना बनाई थी, ताकि किसी को शक न हो। गिरोह में कुल 8-9 अपराधी शामिल थे और गुड्डू नामक आरोपी ने गाड़ी उपलब्ध कराई थी। घटना के बाद सभी नौबतपुर भागे और वहां से ट्रेन पकड़कर फरार हो गए। बता दें कि मुख्य सरगना अमरनाथ उर्फ गोपी पहले भी डकैती के मामले में जेल जा चुका है ।पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बिहार के बाहर भी छापेमारी कर रही है। पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में जांच जारी है।













