राज्यसभा शपथ पर तेजस्वी का तंज, अशोक चौधरी का पलटवार—इनकी घटिया सोच है

बिहार की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद विपक्ष लगातार हमलावर है, तो वहीं सत्तापक्ष भी जवाबी हमले में पीछे नहीं है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा था कि राज्यसभा की शपथ ली है, प्रधानमंत्री पद की नहीं, जिस पर अब मंत्री अशोक चौधरी ने कड़ा ....

राज्यसभा शपथ पर तेजस्वी का तंज, अशोक चौधरी का पलटवार—इनकी घटिया सोच है

बिहार की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद विपक्ष लगातार हमलावर है, तो वहीं सत्तापक्ष भी जवाबी हमले में पीछे नहीं है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा था कि राज्यसभा की शपथ ली है, प्रधानमंत्री पद की नहीं, जिस पर अब मंत्री अशोक चौधरी ने कड़ा जवाब दिया है।

अशोक चौधरी का तीखा पलटवार
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान अशोक चौधरी ने कहा कि राज्यसभा जाना नीतीश कुमार का व्यक्तिगत और राजनीतिक निर्णय है। राज्यसभा का चुनाव हुआ, उसमें वह जीते और अब शपथ लिया। जो आदमी मुख्यमंत्री का पद छोड़कर राज्यसभा जा रहा है, उसके लिए ऐसी बात कर रहे हैं। यह लोग घटिया आदमी हैं। इनकी घटिया सोच है। अशोक चौधरी ने तीखे शब्दों में कहा कि तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा कि उनके परिवार में सत्ता को लेकर अलग ही परंपरा रही है। 

उन्होंने बिना नाम लिए लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का जिक्र करते हुए कहा कि जब पिता जेल गए तो माता को मुख्यमंत्री बना दिया गया। इसके उलट उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने 2014 में जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था। अब जनता ने तो इन्हें दिखा दिया है और 25 सीट पर ला दिया है।आने वाले समय में राजद का सत्यानाश होगा। इस तरह से अशोक चौधरी ने करारा जवाब दे दिया है।

राज्यसभा शपथ के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
दिल्ली में शुक्रवार को नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली और उसी शाम पटना लौट आए। इस घटनाक्रम के बाद बिहार में नई सरकार और नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, अब तक नए सीएम चेहरे को लेकर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि खरमास के बाद नई सरकार का गठन हो सकता है। इस पूरे घटनाक्रम पर तेजस्वी यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से इसे बड़ी उपलब्धि की तरह पेश किया जा रहा है, वह समझ से परे है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार यह फैसला अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव में ले रहे हैं।