भारी स्कूल बैग पर बिहार सरकार सख्त, अब बच्चों के वजन के 10% से ज्यादा नहीं होगा बैग

बिहार में स्कूली बच्चों के भारी बैग को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों...

भारी स्कूल बैग पर बिहार सरकार सख्त, अब बच्चों के वजन के 10% से ज्यादा नहीं होगा बैग

बिहार में स्कूली बच्चों के भारी बैग को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को एनसीईआरटी की “स्कूल बैग पॉलिसी 2026” का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद अब बच्चों के बैग के वजन पर नियमित निगरानी रखी जाएगी।

वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं 

नई व्यवस्था के तहत किसी भी छात्र का स्कूल बैग उसके शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके लिए स्कूल परिसरों में वजन मापने वाली मशीन लगाना अनिवार्य किया गया है, ताकि बच्चों और उनके बैग दोनों का वजन समय-समय पर जांचा जा सके।

नियमित रूप से बच्चों के बैग का वजन जांचा जाएगा

शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री Mithlesh Tiwari ने कहा कि बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक बोझ कम करने और उन्हें तनावमुक्त माहौल देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के निर्देश के बाद यह निर्णय लिया गया। एनसीईआरटी की गाइडलाइन के अनुसार अब स्कूलों में नियमित रूप से बच्चों के बैग का वजन जांचा जाएगा।

टाइम टेबल तैयार करने का निर्देश

कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के बैग की हर तीन महीने में रैंडम चेकिंग की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई है। अगर किसी बच्चे का बैग निर्धारित सीमा से ज्यादा भारी पाया जाता है, तो इसकी जानकारी अभिभावकों को दी जाएगी और अगले एक-दो सप्ताह तक उस बच्चे के बैग की विशेष निगरानी की जाएगी।शिक्षा विभाग ने स्कूलों को ऐसा टाइम टेबल तैयार करने का निर्देश दिया है, जिससे बच्चों को रोज अनावश्यक किताबें और कॉपियां लेकर स्कूल नहीं आना पड़े। साथ ही स्कूल बैग पॉलिसी 2020 के तहत छोटे बच्चों को होमवर्क देने पर रोक की बात भी दोहराई गई है।

बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश 

सरकार ने स्कूलों में लॉकर, साफ पेयजल और बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि बच्चों का अच्छा स्वास्थ्य और तनावमुक्त मानसिक स्थिति ही बेहतर भविष्य और राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला है।सरकार ने यह भी कहा है कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला और शारीरिक शिक्षा को भी पर्याप्त समय दिया जाए, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके और मानसिक दबाव कम हो। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद अब बिहार के स्कूलों में भारी बैग को लेकर सख्त निगरानी देखने को मिलेगी।