तेजस्वी यादव के चश्मे से लेकर विदेश यात्रा तक, बीजेपी के निशाने पर नेता प्रतिपक्ष
बिहार की सियासत में एक बार फिर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। इस बार मुद्दा बना है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का चश्मा। बिहार बीजेपी ने सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव को लेकर एक नया मीम शेयर किया है। जिसमें उनके चश्मे की कीमत को लेकर तंज कसा गया है। यह मीम तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।बीजेपी द्वारा शेयर किए.........
बिहार की सियासत में एक बार फिर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। इस बार मुद्दा बना है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का चश्मा। बिहार बीजेपी ने सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव को लेकर एक नया मीम शेयर किया है। जिसमें उनके चश्मे की कीमत को लेकर तंज कसा गया है। यह मीम तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।बीजेपी द्वारा शेयर किए गए मीम में तेजस्वी यादव को चश्मा पहने हुए दिखाया गया है।
चश्मे की कीमत 24 हजार रुपये
बता दें कि मीम में चश्मे का प्राइस चेक करते हुए उसकी कीमत 24 हजार रुपये बताई गई है। इसके साथ ही एक ‘शॉक्ड एक्सप्रेशन’ वाला इमेज जोड़ा गया है। मीम के कैप्शन में बीजेपी ने तंज कसते हुए लिखा है बाप नंबरी, बेटा 10 नंबरी।बीजेपी का कहना है कि जो नेता खुद को गरीबों और आम जनता की राजनीति का चेहरा बताते हैं, वे खुद महंगे शौक रखते हैं और लग्जरी लाइफस्टाइल जीते हैं। पार्टी का आरोप है कि 24 हजार रुपये का चश्मा पहनना तेजस्वी यादव की कथनी और करनी के बीच के फर्क को उजागर करता है।
विदेश यात्रा की कड़ी आलोचना
हालांकि इस पूरे विवाद पर अब तक तेजस्वी यादव या राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन सोशल मीडिया पर समर्थक और विरोधी दोनों ही पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ सक्रिय नजर आ रहे हैं।गौरतलब है कि चुनाव 2025 के नतीजों के बाद तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा भी काफी सुर्खियों में रही थी।एनडीए नेताओं ने उनकी इस विदेश यात्रा की कड़ी आलोचना की थी। आरोप लगाया गया कि विधानसभा सत्र के दौरान वे बिना किसी ठोस कारण के छुट्टी पर चले गए। वहीं जद(यू) ने दावा किया कि विदेश यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव कथित तौर पर एक हिस्ट्रीशीटर और वांटेड अपराधी के संपर्क में थे और इस मामले की जांच के लिए डीजीपी से मांग भी की गई थी।
विपक्ष का कहना— लोकहित से भटका ध्यान
वहीं पार्टी विरोधियों का कहना है कि चुनाव में हार के बाद किसी भी नेता को जनता के मुद्दों और लोकहित पर ध्यान देना चाहिए, न कि लंबी विदेश यात्राओं और निजी छुट्टियों पर।अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव या आरजेडी इस ताजा विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, या यह मुद्दा भी सियासी आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रह जाएगा।













