बीजेपी कार्यालय के बाहर सम्राट चौधरी के समर्थन में पोस्टर, कुछ ही देर में फाड़ा गया—सियासी हलचल तेज

बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के समर्थन में एक पोस्टर बीजेपी कार्यालय के बाहर लगाया गया और कुछ ही देर बाद उसे हटा भी दिया गया। बीजेपी दफ्तर के बाहर लगाए गए इस पोस्टर में सम्राट चौधरी की तस्वीर के साथ लिखा था।वाल्मीकि समाज संघ की यही पुकार, बिहार में हो सम्राट की सरकार। भाजपा को हमने दिया है हर संभव साथ, ठेकेदारी.....

बीजेपी कार्यालय के बाहर सम्राट चौधरी के समर्थन में पोस्टर, कुछ ही देर में फाड़ा गया—सियासी हलचल तेज

बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के समर्थन में एक पोस्टर बीजेपी कार्यालय के बाहर लगाया गया और कुछ ही देर बाद उसे हटा भी दिया गया। बीजेपी दफ्तर के बाहर लगाए गए इस पोस्टर में सम्राट चौधरी की तस्वीर के साथ लिखा था।वाल्मीकि समाज संघ की यही पुकार, बिहार में हो सम्राट की सरकार। भाजपा को हमने दिया है हर संभव साथ, ठेकेदारी प्रथा आपकी सरकार में हो समाप्त।

पोस्टर लगने के थोड़ी ही देर बाद इसे फाड़ दिया गया
यह पोस्टर बीजेपी नेता राजेश कुमार की ओर से लगाया गया बताया जा रहा है। हालांकि, पोस्टर लगने के थोड़ी ही देर बाद इसे फाड़ दिया गया। खास बात यह रही कि पोस्टर हटाने में बीजेपी कार्यालय के कर्मचारी और कुछ कार्यकर्ता शामिल नजर आए।इस पूरे मामले पर बिहार बीजेपी के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि उन्हें न तो पोस्टर लगाने वाले की जानकारी है और न ही इसे हटाने वालों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी है।

बीजेपी के किसी कार्यकर्ता द्वारा नहीं लगाया गया
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह पोस्टर बीजेपी के किसी कार्यकर्ता द्वारा नहीं लगाया गया है और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग पर उन्होंने कहा कि बीजेपी एक बड़ी पार्टी है और सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं। किसी एक कार्यकर्ता की मांग का कोई विशेष महत्व नहीं होता।पोस्टर लगने और फिर तुरंत हटाए जाने की घटना ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। इसे लेकर अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। अब सभी की नजर इस पर है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कौन-कौन से राजनीतिक बयान सामने आते हैं।