ध्यान और भक्ति में लीन तेज प्रताप यादव, बोले—दुश्मनों को समय सिखाता है सबक
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और राजद नेता तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपने अनोखे अंदाज को लेकर सुर्खियों...
बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपने अनोखे अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार वे राजनीतिक बयानबाजी से अलग धार्मिक और आध्यात्मिक रंग में नजर आए। अक्सर अपने आध्यात्मिक स्वरूपों से चौंकाने वाले तेज प्रताप ने इस बार 'महाकाल' के प्रति अपनी अटूट आस्था को ढाल बनाकर विरोधियों पर तीखा निशाना साधा है।तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें वे ध्यान और भक्ति में लीन दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में वे भगवान शिव और महाकाल की आराधना करते नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने एक संदेश भी लिखा, जिसमें उन्होंने महाकाल के प्रति अपनी आस्था और विश्वास को व्यक्त किया।
जो महाकाल के भक्त को दुश्मन बनाएगा..
तेज प्रताप ने X पर लिखा है, “महाकाल के भक्त तेज प्रताप यादव का नाम पूरे इलाके में श्रद्धा और साहस के साथ लिया जाता है, लोग कहते है, जो सच्चे दिल से महाकाल की भक्ति करता है, उसे कोई हानि नहीं पहुंचा सकता। एक बार कुछ लोगों ने उनसे दुश्मनी मोल लेने की कोशिश की, लेकिन समय ने उन्हें सिखा दिया कि महाकाल के भक्त से टकराना आसान नहीं होता। तेज प्रताप यादव हमेशा यही कहते- जो महाकाल के भक्त को दुश्मन बनाएगा, वो इस संसार में टिक नहीं पाएगा, क्योंकि उसके साथ स्वयं महाकाल की शक्ति होती है। हर-हर महादेव!'।”
राजनीतिक बयानों को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में रहते
तेज प्रताप यादव केवल धार्मिक पोस्ट ही नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक बयानों को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री पद और बिहार की राजनीति को लेकर कई टिप्पणियां की थीं। उन्होंने एक बयान में कहा था कि बिहार का अगला नेतृत्व “भगवान राम के हाथ में” होगा। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा था कि यदि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनते हैं तो उन्हें उनका समर्थन मिल सकता है। बता दें कि तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से निष्कासित किये जाने के बाद जनशक्ति जनता दल का गठन किया था। जब उनसे पूछा गया था कि क्या नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार अपने पिता के बाद सत्ता संभाल सकते हैं, तो तेज प्रताप यादव ने कहा था कि वह इसके लिए बहुत अनुभवहीन हैं। वह उम्र में मुझसे बड़े हो सकते हैं, लेकिन राजनीति में अनुभव मायने रखता है।













