नगरनौसा में रिश्वत लेते आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिका गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती अब जमीन पर दिखने लगी है। नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आंगनवाड़ी महिला पर्यवेक्षिका को रिश्वत...
हाथ में रिश्वत के नोट… सामने खड़ी निगरानी टीम—और खेल खत्म!नालंदा के नगरनौसा में बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई देखने को मिली, जब आंगनवाड़ी महिला पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी को 3200 रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
मामला क्या है?
नगरनौसा प्रखंड के कंचन भवन वन, केंद्र संख्या 28 (वार्ड 3) की सेविका बेबी कुमारी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी पोषाहार पंजी में हस्ताक्षर और अन्य जरूरी कामों के बदले पैसे मांग रही थीं।शिकायत के मुताबिक, 15,747 रुपये की राशि का 20 प्रतिशत कमीशन मांगा गया था। इसके अलावा हर महीने 3200 रुपये अतिरिक्त ‘नजराना’ देने का दबाव भी बनाया जा रहा था।
जांच और ट्रैप कैसे बना?
निगरानी ब्यूरो ने पहले शिकायत का गुप्त सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक शशि शेखर चौधरी के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम का गठन किया गया।बुधवार को पहले से तय योजना के तहत जैसे ही सेविका ने 3200 रुपये दिए, टीम ने मौके पर ही सुषमा कुमारी को रंगे हाथ पकड़ लिया।इस ऑपरेशन में पुलिस निरीक्षक विनोद कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।गिरफ्तारी के बाद नगरनौसा स्थित उनके आवास पर ही कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद आरोपी को पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया।













