बिहार की राजनीति में तेज हलचल, सीएम आवास पर लगातार बैठकों से बढ़ी सस्पेंस, CM नीतीश-सम्राट की मुलाकात से बढ़ी चर्चा
बिहार की सियासत इस वक्त उबाल पर है। नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। लगातार हो रही हाई-लेवल बैठकों ने नए मुख्यमंत्री और सरकार के गठन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। रविवार को एक बार फिर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। खास बात यह रही कि शनिवार ....
बिहार की सियासत इस वक्त उबाल पर है। नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। लगातार हो रही हाई-लेवल बैठकों ने नए मुख्यमंत्री और सरकार के गठन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। रविवार को एक बार फिर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। खास बात यह रही कि शनिवार को भी दोनों नेताओं के बीच बैठक हुई थी। ऐसे में लगातार दूसरी मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल और बढ़ा दी है।
सूत्रों के मुताबिक, करीब 25 मिनट तक चली इस बैठक में राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान मंत्री विजय कुमार चौधरी और जेडीयू सांसद देवेश चन्द्र ठाकुर भी मौजूद रहे। बैठक के बाद मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस तरह की मुलाकातें सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उन्होंने संकेत दिया कि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है, लेकिन मंत्रिमंडल को लेकर अभी कोई अंतिम चर्चा नहीं हुई है।
सीएम फेस पर क्या बोले नेता?
सीएम चेहरे के सवाल पर विजय कुमार चौधरी ने साफ किया कि अभी मंत्रिमंडल को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। चंद दिनों का इंतजार है रुक जाइए।
सब कुछ जल्द पता चल जाएगा। साथ ही उन्होंने सीएम फेस पर कहा, यह बीजेपी को तय करना है। उनकी अनुशंसा पर एनडीए के विधायक दल में नेता चुना जाएगा। मुख्यमंत्री वही चुना जाएगा जो एनडीए की विधायक दल में नेता चुना जाएगा। बीजेपी की उसमें अहम भूमिका है। बीजेपी अनुशंसा करेगी तब नाम पर मोहर लगाई जाएगी।
बीजेपी की भी अहम बैठक आज
बता दें कि इससे पहले शनिवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू नेताओं की एक अहम बैठक हुई थी। इसमें कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। करीब दो घंटे चली इस बैठक में नए मंत्रिमंडल के स्वरूप और संभावित युवा चेहरों को लेकर चर्चा होने की बात सामने आई।वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी की भी एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें बिहार प्रभारी विनोद तावड़े शामिल होंगे। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के चेहरे और सरकार गठन की रणनीति पर मंथन होने की संभावना है।कुल मिलाकर, बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट तेज हो गई है। अब सबकी नजरें एनडीए और केंद्रीय नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।













