बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट!, CM हाउस के बाहर पोस्टर,लिखा-ना दंगा-फसाद… अब चाहिए युवा जनसेवक निशांत कुमार
बिहार की राजनीति इन दिनों बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हैं और संकेत मिल रहे हैं कि खरमास खत्म होते ही राज्य में नई सरकार का गठन हो सकता है। इसी बीच जेडीयू कार्यकर्ताओं ने एक नया राजनीतिक संदेश देना शुरू कर दिया है और यह संदेश सीधे तौर पर निशांत कुमार को लेकर है। पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर लगाए गए पोस्टरों ने सियासत को और गरमा.....
बिहार की राजनीति इन दिनों बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हैं और संकेत मिल रहे हैं कि खरमास खत्म होते ही राज्य में नई सरकार का गठन हो सकता है। इसी बीच जेडीयू कार्यकर्ताओं ने एक नया राजनीतिक संदेश देना शुरू कर दिया है और यह संदेश सीधे तौर पर निशांत कुमार को लेकर है। पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर लगाए गए पोस्टरों ने सियासत को और गरमा दिया है। इन पोस्टरों में साफ लिखा गया है , “बिहार में ना बुलडोजर बवाल और नाहि फिर से दंगा-फसाद चाहिए..हे लोकनाथ ...अब आपकी परछाईं स्वरूप युवा जनसेवक निशांत कुमार चाहिए।”निशांत निश्चय...नीतीश जी का मिशन अधुरा ..निशांत कुमार ही करेंगे पूरा..मिशन विकसित बिहार 2040 और फिर निशांत कुमार की तस्वीर के नीचे NEXT CM OF BIHAR लिखा गया है।
निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग
इस संदेश के जरिए जेडीयू कार्यकर्ता खुलकर निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं।दरअसल, 10 अप्रैल को नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली, जिसके बाद 11 अप्रैल को उन्होंने मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया। 1 अणे मार्ग से उनका सामान 7 सर्कुलर रोड शिफ्ट किया गया। इसके बाद से ही सियासी गलियारों में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें और तेज हो गई हैं।सूत्रों के मुताबिक, 13 अप्रैल को मौजूदा सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक हो सकती है, जबकि 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होने के बाद 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन संभव माना जा रहा है।
निशांत कुमार, सम्राट चौधरी और श्रेयसी सिंह प्रमुख रूप से शामिल
इसी बीच मुख्यमंत्री पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें निशांत कुमार, सम्राट चौधरी और श्रेयसी सिंह प्रमुख रूप से शामिल हैं।राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो यह संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री पद भाजपा को मिल सकता है, जबकि जेडीयू को दो उपमुख्यमंत्री पद दिए जा सकते हैं। इनमें से एक पद निशांत कुमार को मिल सकता है, जबकि दूसरा किसी वरिष्ठ नेता को सौंपा जा सकता है।इसके अलावा गृह विभाग जेडीयू के पास रह सकता है। मंत्रीमंडल के गठन में भाजपा और जेडीयू के बीच बराबर-बराबर हिस्सेदारी की चर्चा है। वहीं सहयोगी दलों—लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो—को भी मंत्री पद दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।कुल मिलाकर, बिहार की सियासत एक बड़े मोड़ पर खड़ी है। अब सबकी नजर 15 अप्रैल पर टिकी है, जब यह तय होगा कि राज्य की कमान आखिर किसके हाथ में जाएगी।













