‎संघर्ष से सफलता तक:,सम्राट चौधरी की जीत पर पिता का भावुक बयान,बोले -मेहनत रंग लाती है..जो मेहनत करेगा वही बढ़ेगा

मुख्यमंत्री के पिता शकुनी चौधरी ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सब ईश्वर की कृपा और वर्षों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने अमित शाह, नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का आभार व्यक्त किया और कहा कि मेहनत करने....

‎संघर्ष से सफलता तक:,सम्राट चौधरी की जीत पर पिता का भावुक बयान,बोले -मेहनत रंग लाती है..जो मेहनत करेगा वही बढ़ेगा

बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर नई सरकार की औपचारिक शुरुआत कर दी। सत्ता परिवर्तन के साथ ही राज्य में नई राजनीतिक दिशा और प्राथमिकताओं के संकेत भी स्पष्ट हो गए हैं।

‎कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे

‎बता दें कि राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने पटना स्थित लोकभवन में सुबह 11 बजे सम्राट चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।नई सरकार में जदयू से वरिष्ठ नेता विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने भी शपथ ली, जिन्हें डिप्टी मुख्यमंत्री बनाया गया है। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति भी खास रही।

विभागों का बंटवारा

‎फिलहाल मंत्रिमंडल का पूर्ण विस्तार नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती तौर पर विभागों का वितरण तय कर दिया गया है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने पास गृह समेत 29 विभाग रखेंगे।विजय चौधरी को 10 विभाग और बिजेंद्र यादव को 8 विभाग सौंपे गए हैं।मंत्रिमंडल विस्तार के बाद शेष विभाग अन्य मंत्रियों में बांटे जाएंगे। तब तक तीनों नेता ही इन विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

‎राजनीतिक हलचल

‎वहीं शपथ ग्रहण के बाद देर शाम तक मुख्यमंत्री आवास पर नेताओं का आना-जाना जारी रहा। पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा सहित बीजेपी और जदयू के कई नेता सम्राट चौधरी से मिलने पहुंचे। वहीं मुख्यमंत्री के पिता शकुनी चौधरी ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सब ईश्वर की कृपा और वर्षों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने अमित शाह, नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का आभार व्यक्त किया और कहा कि मेहनत करने वालों को ही सफलता मिलती है।

‎20 वर्षों तक मुख्यमंत्री पद पर रहे नीतीश कुमार

‎जानकारी के लिए बता दें कि बिहार में यह सत्ता परिवर्तन नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद हुआ। वे अब राज्यसभा सदस्य हैं और लगभग 20 वर्षों तक मुख्यमंत्री पद पर रहे।नई सरकार के गठन के साथ बिहार में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। अब सभी की नजरें मंत्रिमंडल विस्तार और सरकार की आगामी नीतियों पर टिकी हैं, जो राज्य के विकास की दिशा तय करेंगी।