पटना में ट्रैफिक सुधार का मास्टर प्लान: बाहरी ऑटो-ई-रिक्शा पर रोक, लागू होगा जोन वाइज सिस्टम

पटना की सड़कों पर लगने वाले भीषण जाम से जल्द राहत मिल सकती है। परिवहन विभाग ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब शहर में दूसरे जिलों के ऑटो और ई-रिक्शा की एंट्री पर रोक लगाने के साथ-साथ ‘जोन वाइज’ संचालन प्रणाली लागू की जा रही है।राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्था को देखते हुए परिवहन विभाग ने सख्त फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब केवल पटना में....

पटना में ट्रैफिक सुधार का मास्टर प्लान: बाहरी ऑटो-ई-रिक्शा पर रोक, लागू होगा जोन वाइज सिस्टम

पटना की सड़कों पर लगने वाले भीषण जाम से जल्द राहत मिल सकती है। परिवहन विभाग ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब शहर में दूसरे जिलों के ऑटो और ई-रिक्शा की एंट्री पर रोक लगाने के साथ-साथ ‘जोन वाइज’ संचालन प्रणाली लागू की जा रही है।राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्था को देखते हुए परिवहन विभाग ने सख्त फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब केवल पटना में रजिस्टर्ड ऑटो और ई-रिक्शा ही शहर की सड़कों पर चल सकेंगे। दूसरे जिलों से आकर सवारी ढोने वाले वाहनों को अपने-अपने मूल जिलों में लौटना होगा।

जाम की समस्या कम होगी
सरकार के इस फैसले का मकसद शहर की सड़कों से ट्रैफिक का दबाव कम करना है। विभाग का अनुमान है कि इस कदम से करीब 10 हजार अवैध वाहन सड़कों से हट जाएंगे, जिससे जाम की समस्या कम होगी और प्रदूषण स्तर में भी गिरावट आएगी।नई योजना के तहत पूरे शहर को अलग-अलग ‘कलर जोन’ और रूट कोड में बांटा गया है। अब कोई भी ऑटो चालक अपनी मर्जी से किसी भी रूट पर वाहन नहीं चला सकेगा। येलो जोन में राजा बाजार, आशियाना, सगुना मोड़, दानापुर शामिल हैं ।(कोड: Z1R1A–Z1R1J)।  ग्रीन जोन में  गांधी मैदान, अशोक राजपथ, पटना सिटी, कंकड़बाग, ISBT बैरिया शामिल हैं। वहीं  ब्लू जोन में  गर्दनीबाग, अनीसाबाद, फुलवारी शरीफ, खगौल शामिल है। हर जोन में वाहनों की संख्या तय कर दी गई है। उदाहरण के तौर पर गांधी मैदान से पटना सिटी (अशोक राजपथ रूट) पर अधिकतम 3576 ऑटो को ही परमिट मिलेगा।

अवैध पार्किंग  पर भी लगाम 
परिवहन विभाग जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करेगा, जहां ऑटो और ई-रिक्शा चालक नए परमिट के लिए आवेदन कर सकेंगे। साल 2014 में जहां 14 हजार परमिट जारी हुए थे, वहीं अब 26 रूटों पर कुल 25 हजार परमिट देने की योजना है। परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार के अनुसार, जोन वाइज परिचालन शुरू होने से यात्रियों को भी सहूलियत होगी। कलर कोड के जरिए उन्हें आसानी से पता चल सकेगा कि कौन सा ऑटो उनके रूट पर जाएगा। साथ ही अवैध पार्किंग  पर भी लगाम लगेगी। बिना परमिट या गलत जोन में वाहन चलाने वाले चालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।