“मरना मंजूर, लेकिन RJD में वापसी नहीं”… तेजप्रताप यादव के बयान से बिहार की राजनीति में हलचल
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav ) ने ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छे...
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav ) ने ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने साफ शब्दों में कहा कि वह गीता पर हाथ रखकर कसम खाते हैं कि “मरना मंजूर है, लेकिन अब कभी आरजेडी में वापस नहीं जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा कि उनके अंतिम समय में सिर्फ JJD का ही कफन ओढ़ाया जाएगा।
परिवार और राजनीति दोनों जगह काफी कुछ सहना पड़ा
तेज प्रताप ने खुद को भगवान महादेव का सच्चा भक्त बताते हुए कहा कि वह झूठ नहीं बोलते। उन्होंने इशारों-इशारों में कुछ लोगों को “जयचंद्र” बताते हुए आरोप लगाया कि उन्हीं लोगों की वजह से उन्हें परिवार और राजनीति दोनों जगह काफी कुछ सहना पड़ा।
राहुल गांधी और मोदी पर क्या बोले तेज प्रताप?
वहीं जब तेज प्रताप यादव से पूछा गया कि उन्हें राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) और नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) में कौन पसंद हैं, तो उन्होंने दिलचस्प जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी “फटफटिया चलाते हैं”,लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें पसंद हैं।
नीतीश कुमार पर भी साधा निशाना
तेज प्रताप यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar )पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनता ने भरोसा करके उन्हें कुर्सी दी थी, लेकिन वह बीच रास्ते में ही छोड़कर चले गए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब नीतीश कुमार की तबीयत ठीक नहीं रहती।
भोजपुरी इंडस्ट्री पर जताई नाराजगी
इतना ही नहीं बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने भोजपुरी इंडस्ट्री को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज भोजपुरी संगीत और फिल्मों में “गंदगी” फैलाई जा रही है।उन्होंने भोजपुरी स्टार पवन सिंह (Pawan Singh) और खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) का नाम लेते हुए कहा कि पहले भिखारी ठाकुर (Bhikhari Thakur )के दौर में “विदेसिया नाच” परिवार और समाज को जोड़ने का काम करता था, लेकिन अब माहौल पूरी तरह बदल गया है।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चा
बता दें कि तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। खासकर आरजेडी में वापसी को लेकर दिए गए उनके बयान को बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस पर है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति किस दिशा में करवट लेती है।













