बिहार में बस सफर हो सकता है महंगा, किराए में 10–15% बढ़ोतरी का प्रस्ताव

बिहार में बस से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए अहम खबर है। राज्य सरकार ने बस किराए में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव जारी किया है। परिवहन विभाग की ओर से लाया गया यह प्रस्ताव लागू होने पर आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालेगा, खासकर रोजाना सफर करने वालों के लिए यह फैसला भारी पड़ सकता है। यह प्रस्ताव मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 67 के तहत तैयार किया गया है और राज्यपाल की अनुमति से जारी..

बिहार में बस सफर हो सकता है महंगा, किराए में 10–15% बढ़ोतरी का प्रस्ताव

बिहार में बस से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए अहम खबर है। राज्य सरकार ने बस किराए में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव जारी किया है। परिवहन विभाग की ओर से लाया गया यह प्रस्ताव लागू होने पर आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालेगा, खासकर रोजाना सफर करने वालों के लिए यह फैसला भारी पड़ सकता है। यह प्रस्ताव मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 67 के तहत तैयार किया गया है और राज्यपाल की अनुमति से जारी किया गया है। हालांकि, सरकार ने इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया है और एक महीने के भीतर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

क्या होंगे नए किराए?
यानी फिलहाल यह अंतिम फैसला नहीं है, लेकिन संकेत साफ हैं कि किराया बढ़ना तय माना जा रहा है।नए प्रस्ताव के अनुसार साधारण बसों का किराया 50 किलोमीटर तक 1.50 रुपये से बढ़ाकर 1.71 रुपये प्रति किलोमीटर किया गया है।वहीं डीलक्स बसों के लिए यह दर 1.96 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। लंबी दूरी के लिए प्रति किलोमीटर दर थोड़ी कम जरूर होगी, लेकिन कुल किराया पहले से ज्यादा देना पड़ेगा।

शहरी बस सेवा में भी बदलाव
वहीं आरामदायक सफर करने वाले यात्रियों को और ज्यादा भुगतान करना होगा। एसी बसों के लिए 2.30 रुपये प्रति किलोमीटर और वॉल्वो या मर्सिडीज जैसी प्रीमियम बसों के लिए 2.88 रुपये प्रति किलोमीटर तक किराया तय किया गया है। इससे लंबी दूरी की यात्रा और महंगी हो जाएगी। नगरीय बस सेवाओं के लिए भी नया सिस्टम लागू किया गया है। पहले 4 किलोमीटर को एक स्टेज माना जाएगा और इसके बाद हर 2 किलोमीटर पर नया स्टेज बनेगा। पहले 4 किलोमीटर के लिए 1.84 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई है।

 किराए से अधिक वसूली नहीं की जा सकेगी
सरकार ने साफ कर दिया है कि तय किराए से अधिक वसूली नहीं की जा सकेगी। बसों में किराया सूची दिखाना और शिकायत रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा। ओवरलोडिंग या नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिससे यात्रियों को पारदर्शिता और सुरक्षा मिल सके।फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन जिस तरह से अधिसूचना जारी हुई है, उससे यह माना जा रहा है कि बस किराया बढ़ना लगभग तय है। अब देखना होगा कि जनता की आपत्तियों और सुझावों के बाद इसमें क्या बदलाव होते हैं।