दानापुर की खुशबू अब पढ़ेगी साइंस, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दिए एडमिशन के निर्देश,कहा-...अब पढ़ाई में कोई भेदभाव नहीं होगा
21वीं सदी में हम बेटियों को सेलिब्रेट तो कर रहे हैं, लेकिन कहीं ना कहीं जाने अनजाने में आज भी हमारे समाज में बेटा और बेटी को लेकर भेदभाव होते ही रहता हैं। इसी कड़ी में बात करते हैं दानापुर की रहने वाली खुशबू की ,10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद खुशबू को उसके परिजनों ने आगे की पढ़ाई विज्ञान के ...

21वीं सदी में हम बेटियों को सेलिब्रेट तो कर रहे हैं, लेकिन कहीं ना कहीं जाने अनजाने में आज भी हमारे समाज में बेटा और बेटी को लेकर भेदभाव होते ही रहता हैं। इसी कड़ी में बात करते हैं दानापुर की रहने वाली खुशबू की ,10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद खुशबू को उसके परिजनों ने आगे की पढ़ाई विज्ञान के विषयों से करने की अनुमति नहीं दी। खुशबू का दाखिला आर्ट्स के विषयों में कराया गया।
खुशबू बचपन से ही पढ़ाई में तेज
बता दें कि दानापुर की रहने वाली खुशबू बचपन से ही पढ़ाई में तेज थी। विज्ञान में उसकी ज्यादा रूचि है। विज्ञान विषय में एडमिशन नहीं होने से परेशान हो गई। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान खुद आगे आए और खुशबू से बातचीत की। इसके बाद 12 वीं में विज्ञान विषय से दाखिला कराने का वादा किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिहार के दानापुर की रहने वाली खुशबू से बात करके उसे आश्वस्त किया है कि उसका दाखिला साइंस की कक्षा में होगा और डॉक्टर बनने का सपना भी साकार होगा। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बिहार के दानापुर की खुशबू के साथ अब पढ़ाई में कोई भेदभाव नहीं होगा। वह अपनी पसंद के विषय में पढ़ाई कर सकेगी।
एडमिशन के लिए DM को निर्देशित किया गया
बता दें कि खुशबू का विज्ञान संकाय में एडमिशन के लिए DM को निर्देशित भी किया गया है। इससे उसका डॉक्टर बनने का सपना साकार हो सकेगा।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, मन लगा कर पढ़ो। नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में NDA की सरकार भारत की बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। दरअसल, खुशबू ने बताया कि उसने मैट्रिक की परीक्षा में 399 अंक प्राप्त किए, फिर भी उसे आर्ट्स के विषयों में नामांकित करा दिया गया। बता दें कि परीक्षा से पहले खुशबू के माता-पिता ने उससे वादा किया था कि यदि वह 400 अंक लाती है तो वे उसका दाखिला विज्ञान में करवाएंगे। खुशबू 399 अंक लाने में सफल रही है, बावजूद इसके उसका दाखिला विज्ञान की जगह आर्ट्स में करा दिया गया। इसका खुलासा खुद खुशबू ने कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में किया था। बात करें खुशबू के भाईयों की तो उसके भाई साइंस लेकर पढ़े हैं। खुशबू ने बताया कि जब भी एक्स्ट्रा पढ़ने का मन होता है तो फोन नहीं मिलता पढ़ने के लिए। वहीं खूशबू के पिता ने कहा कि साइंस पढ़ाने में बहुत पैसा लगता है, उतना पैसा हमारे पास नहीं है। परिवार का पेट मजदूरी करके पालते हैं।