जेडीयू दफ्तर से हटे ‘फिर से नीतीश’ वाले पोस्टर,48 घंटे में बदल सकता है नेतृत्व

बिहार की सियासत में इन दिनों जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। सत्ता के गलियारों में तेज होती गतिविधियों के बीच अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं, जहां राज्य के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।एक तरफ एनडीए के भीतर लगातार बैठकों का दौर जारी है, तो वहीं दूसरी ओर जेडीयू कार्यालय के बाहर भी बड़ा बदलाव नजर आया है। पार्टी दफ्तर के बाहर लगे सभी पोस्टर अचानक.....

जेडीयू दफ्तर से हटे ‘फिर से नीतीश’ वाले पोस्टर,48 घंटे में बदल सकता है नेतृत्व

बिहार की सियासत में इन दिनों जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। सत्ता के गलियारों में तेज होती गतिविधियों के बीच अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं, जहां राज्य के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।एक तरफ एनडीए के भीतर लगातार बैठकों का दौर जारी है, तो वहीं दूसरी ओर जेडीयू कार्यालय के बाहर भी बड़ा बदलाव नजर आया है। पार्टी दफ्तर के बाहर लगे सभी पोस्टर अचानक हटा दिए गए हैं। खास बात यह है कि सिर्फ उन्हीं पोस्टरों को हटाया गया है, जिन पर लिखा था— ‘25 से 30 फिर से नीतीश’।

जेडीयू कार्यालय के बाहर सन्नाटा 
इस घटनाक्रम के बाद जेडीयू कार्यालय के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। कुछ कर्मचारी चुपचाप पोस्टर हटाते नजर आए, जिससे सियासी अटकलें और तेज हो गई हैं।गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए ने ‘25 से 30 फिर से नीतीश’ का नारा दिया था और यह साफ किया गया था कि अगले पांच वर्षों तक नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे  लेकिन नई सरकार बनने के महज चार महीने बाद ही परिस्थितियां बदलती दिख रही हैं।

बिहार की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर 
बता दें कि , दो दशकों तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार की अब विदाई लगभग तय मानी जा रही है। अगले 48 घंटे में तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है और राज्य को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।ऐसे में बिहार की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है, जहां हर पल नए समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं। अब सबकी नजरें आने वाले दो दिनों पर टिकी हैं, जो राज्य के भविष्य की दिशा तय कर सकते हैं।