पटना में ऑटो-ई-रिक्शा पर कड़ा नियंत्रण, शहर होगा तीन जोन में विभाजित,कैरीइंग कैपेसिटी के आधार पर मिलेगा परमिट ‎

राजधानी पटना की सड़कों पर बढ़ती भीड़ और बेकाबू ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन अब एक व्यापक और सख्त नीति लागू करने की तैयारी में है। आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ऐसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जो शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। नई योजना के तहत पटना को तीन अलग-अलग ट्रैफिक जोन में बांटा जाएगा। ‎हर जोन के लिए तय रूट .....

पटना में ऑटो-ई-रिक्शा पर कड़ा नियंत्रण, शहर होगा तीन जोन में विभाजित,कैरीइंग कैपेसिटी के आधार पर मिलेगा परमिट ‎

‎राजधानी पटना की सड़कों पर बढ़ती भीड़ और बेकाबू ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन अब एक व्यापक और सख्त नीति लागू करने की तैयारी में है। आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ऐसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जो शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। नई योजना के तहत पटना को तीन अलग-अलग ट्रैफिक जोन में बांटा जाएगा। ‎हर जोन के लिए तय रूट होंगे और ऑटो व ई-रिक्शा को उसी के अनुसार परमिट जारी किए जाएंगे। यानी अब हर जगह जरूरत के हिसाब से ही गाड़ियां चलेंगी, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।

‎अब “कैरीइंग कैपेसिटी” तय करेगी परमिट
‎परमिट जारी करने का आधार अब कैरीइंग कैपेसिटी होगा यानि जिस रूट पर जितनी सवारी की जरूरत होगी, उतनी ही गाड़ियों को अनुमति मिलेगी। ‎इससे सड़कों पर अनावश्यक भीड़ कम होगी और ट्रैफिक संतुलित रहेगा। ‎फ्री जोन से यात्रियों और चालकों दोनों को राहत, ‎प्रशासन ने “फ्री जोन” बनाने का भी फैसला लिया है, जहां रिजर्व और प्रीपेड ऑटो आसानी से उपलब्ध होंगे। यात्रियों को सुविधा, ‎चालकों को बेहतर आमदनी होगी।

इन व्यस्त सड़कों पर ई-रिक्शा पर लग सकती है रोक
‎वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर ई-रिक्शा के संचालन को सीमित या बंद करने पर विचार हो रहा है। इनमें मरीन ड्राइव, अटल पथ, बेली रोड, पुरानी बाईपास, एक्जीविशन रोड, बाकरगंज, फ्रेजर रोड, गांधी मैदान और अनिसाबाद से फुलवारी जाने वाला मार्ग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन सड़कों पर भारी ट्रैफिक के बीच ई-रिक्शा से दुर्घटना का खतरा बढ़ता है।

वाहनों से होने वाले जाम में कमी आएगी
इसके अलावा शहर में जगह-जगह लगने वाले जाम को कम करने के लिए प्रमुख स्थानों पर ऑटो और ई-रिक्शा के लिए अलग से पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाएंगे। ‎इससे सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों से होने वाले जाम में कमी आएगी। परमिट जारी करने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट प्राथमिकताएं तय की हैं। सबसे पहले पहले से नगर सेवा परमिटधारियों को प्राथमिकता मिलेगी। इसके बाद उन लोगों को मौका मिलेगा जो खुद वाहन चलाते हैं और उसी जोन के निवासी हैं। साथ ही जिनके या उनके परिवार के नाम पर ऑटो है, उन्हें भी वरीयता दी जाएगी। बाकी आवेदनों का चयन रैंडमाइजेशन के आधार पर किया जाएगा।

 प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे,
बता दें कि बैठक में ऑटो यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे, जिन्हें अधिकारियों ने गंभीरता से सुना। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी पक्षों को ध्यान में रखकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।इन फैसलों के क्रियान्वयन और आगे की रणनीति तय करने के लिए दो सप्ताह बाद फिर से बैठक बुलाई जाएगी। इसमें अब तक की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।