मोकामा में अनंत सिंह का महादंगल, 10 लाख भीड़ का दावा,देश-विदेश के पहलवानों का जुटान, बड़े नेताओं को न्योता
बिहार के मोकामा का नदवां गांव आज अचानक सुर्खियों के केंद्र में आ गया है। वजह है एक ऐसा आयोजन, जो सिर्फ दंगल नहीं बल्कि ताकत, राजनीति और विरासत—तीनों का संगम बन चुका है।जेडीयू विधायक अनंत सिंह की ओर से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय महादंगल में लाखों लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, करीब 8 से 10 लाख.....
बिहार के मोकामा का नदवां गांव आज अचानक सुर्खियों के केंद्र में आ गया है। वजह है एक ऐसा आयोजन, जो सिर्फ दंगल नहीं बल्कि ताकत, राजनीति और विरासत—तीनों का संगम बन चुका है।जेडीयू विधायक अनंत सिंह की ओर से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय महादंगल में लाखों लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, करीब 8 से 10 लाख लोगों की भीड़ इस आयोजन की गवाह बन सकती है।
श्रद्धांजलि के बहाने शक्ति प्रदर्शन?
यह महादंगल बाहुबली पहलवान विवेका पहलवान (विवेक सिंह) की पुण्यतिथि पर आयोजित किया जा रहा है। कभी मोकामा और बाढ़ के टाल क्षेत्र में जिनका नाम ही दबदबे की पहचान था, आज उसी नाम पर यह विशाल आयोजन हो रहा है।दिलचस्प बात यह है कि एक दौर में अनंत सिंह और विवेका पहलवान के बीच वर्चस्व को लेकर लंबे समय तक खूनी संघर्ष चला था लेकिन वक्त के साथ रिश्ते सामान्य हुए, और अब उसी याद में यह भव्य दंगल आयोजित किया जा रहा है।
देश-विदेश के पहलवानों का जलवा
इस महादंगल को खास बनाने के लिए सिर्फ बिहार या भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी पहलवान बुलाए गए हैं।ईरान के हामिद, इरफान और जलाल जैसे नामी पहलवानों के आने की पुष्टि की गई है, जबकि जॉर्जिया के टेड्डू पहलवान के पहुंचने की भी चर्चा है।दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कई चर्चित पहलवान भी अखाड़े में अपना दमखम दिखाएंगे।इस आयोजन को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज है।बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी के पहुंचने की पुष्टि हो चुकी है।वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके बेटे निशांत कुमार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह समेत कई बड़े नेताओं विधायक और मंत्रियों को निमंत्रण दिया गया है।
जेल से बाहर आने के बाद पहला बड़ा आयोजन
गौरतलब है कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अनंत सिंह हाल ही में बेऊर जेल से बाहर आए हैं।ऐसे में यह महादंगल उनका जेल से बाहर आने के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक आयोजन माना जा रहा है, जिससे इसकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है।विवेका पहलवान, जिनका असली नाम विवेक सिंह था, दंगल की दुनिया का एक बड़ा नाम रहे हैं।‘बिहार केसरी’ का खिताब जीतने वाले विवेका अपनी सख्त दिनचर्या के लिए जाने जाते थे।उनके भाई के अनुसार, वे रोजाना करीब 5 लीटर दूध पीते थे, बादाम का हलवा खाते थे, हजारों दंड-बैठक लगाते थे और 10 किलोमीटर तक दौड़ते थे।2 अप्रैल 2025 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था, जिसके बाद अब उनकी पुण्यतिथि पर यह आयोजन हो रहा है।
सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
इतने बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती,एंट्री प्वाइंट्स पर कड़ी निगरानी,निजी सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी। इसके साथ ही, दर्शकों के लिए भंडारे की व्यवस्था,टेंट और शेड,ठंडे पानी और छिड़काव,प्राथमिक चिकित्सा सुविधा भी सुनिश्चित की गई है, ताकि गर्मी में भी लोगों को कोई परेशानी न हो।













