जेडीयू में वक्फ बिल को लेकर मतभेद, अचानक JDU ऑफिस पहुंचे सीएम नीतीश, बंद कमरे में क्या हुई बात?
बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। एक तरफ चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने अपने अपने हिस्से की तैयारी शुरू कर दी है। दूसरी तरफ वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर दिल्ली से लेकर पटना तक सियासी घमसान जारी है। बुधवार को पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पेश करेगी।वहीं जेडीयू..

बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। एक तरफ चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने अपने अपने हिस्से की तैयारी शुरू कर दी है। दूसरी तरफ वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर दिल्ली से लेकर पटना तक सियासी घमसान जारी है। बुधवार को पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पेश करेगी।वहीं जेडीयू में भी वक्फ बिल को लेकर मतभेद उत्पन्न हो गया है। एमएलसी गुलाम गौस ने केंद्र सरकार की इस बिल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बीच मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक पार्टी कार्यालय पहुंच गए। सीएम नीतीश करीब 15 मिनट तक पार्टी कार्यालय में रुके और बंद कमरे में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मीडियाकर्मियों से कोई बात नहीं की।
जेडीयू दफ्तर में कार्यकर्ता जुटे रहते हैं
बता दें कि विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीना बाकी है। इस वजह से जेडीयू दफ्तर में कार्यकर्ता जुटे रहते हैं। मंगलवार को भी पार्टी ऑफिस में नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी थी लेकिन सीएम के आगमन की सूचना किसी को नहीं थी। थोड़ी देर पहले पार्टी पदाधिकारियों को सीएम के आने की जानकारी दी गयी। कुछ ही देर में वे पहुंच भी गए। सीएम को अपने बीच पा कर पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह काफी बढ़ गया। सीएम नीतीश अपने चेंबर में भी गए और गेट बंद करके कार्यकर्ताओं से बात की। क्या बात हुई इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। सीएम नीतीश ने ऑफिस के कैंपस का भी मुआयना किया। करीब 15 मिनट बाद मुख्यंत्री नीतीश कुमार का काफिला दफ्तर से आवास की ओर रवाना हो गया।
आने वाले समय में स्थिति साफ हो जाएगी-गुलाम गौस
बता दें कि जदयू एमएलसी गुलाम गौस ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि जेडीयू वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सीएम नीतीश ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है। ऐसे में आने वाले समय में स्थिति साफ हो जाएगी। गौस ने दावा किया कि वक्फ संशोधन बिल त्रुटिपूर्ण है। उन्होंने कहा, "आप मुझे पटना के महावीर मंदिर या तिरुपति बालाजी मंदिर के ट्रस्ट का सदस्य नहीं बना सकते हैं। यह देश विविधताओं में एकता का देश है। इसलिए अनावश्यक उन्माद फैलाने की जरूरत नहीं है।