वक्फ बिल को लेकर सियासत तेज, भड़के ललन सिंह,कहा-जदयू और नीतीश कुमार को कांग्रेस के सर्टिफिकेट की कोई जरूरत नहीं
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर दिल्ली से लेकर पटना तक सियासत तेज होती जा रही है। बुधवार को पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पेश करेगी। इस पर 8 घंटे चर्चा होगी। इसी कड़ी में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री व जदयू नेता ललन सिंह ने कांग्रेस पार्टी को करारा जवाब दिया है। दरअसल जदयू नेता ललन सिंह से जब..

वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर दिल्ली से लेकर पटना तक सियासत तेज होती जा रही है। बुधवार को पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पेश करेगी। इस पर 8 घंटे चर्चा होगी। इसी कड़ी में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री व जदयू नेता ललन सिंह ने कांग्रेस पार्टी को करारा जवाब दिया है। दरअसल जदयू नेता ललन सिंह से जब पूछा गया कि कांग्रेस कह रही है वक्फ संशोधन विधेयक संविधान के खिलाफ है। जदयू जैसी सेक्लयुर पार्टी को अपना स्टैंड क्लियर करना चाहिए। इस पर ललन सिंह ने कांग्रेस को करारा जवाब देते हुए कहा कि जदयू और नीतीश कुमार को कांग्रेस के सर्टिफिकेट की कोई जरूरत नहीं है।
अपने गिरेबान में झांक के देखे-ललन सिंह
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वो अपने गिरेबान में झांक के देखे। उन्होंने इस देश और बिहार में कितने साल शासन किया? उन्होंने मुसलमानों के लिए क्या किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में मुसलमानों के हक और उनके उत्थान के लिए जो काम किया है। वो देश में आजादी के बाद किसी राज्य में आज तक किसी सरकार ने नहीं किया। भागलपुर में जो दंगा हुआ था हजारों मुसलमान मारे गए थे। वो किसके शासनकाल में हुआ था, कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में हुआ था। कांग्रेस ने उनके लिए क्या किया लेकिन नीतीश कुमार ने सभी दंगा पीड़ित परिवारों को न्याय दिया।
ना उनको देश से मतलब है, न मुस्लमानों से-ललन सिंह
इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि दंगे की वजह से जो महिलाएं विधवा हो गई थीं। उन्हें आज तक पेंशन दी जा रही है। उनके (कांग्रेस) सर्टिफिकेट की जरूरत है क्या नीतीश कुमार को। सेक्युलरिज्म कांग्रेस के लिए नारा है, ना उनको देश से मतलब है, न मुस्लमानों से मतलब है। उनको अपने वोट की चिंता रहती है। वक्फ बिल पर पार्टी के स्टैंड पर ललन सिंह ने कहा कि जो भी करेंगे, सदन में करेंगे। मीडिया में आकर नहीं करेंगे।