बिहार में शिक्षकों का कंफ्यूजन खत्म, स्कूल और जनगणना दोनों की जिम्मेदारी निभानी होगी
बिहार में जनगणना कार्य को लेकर शिक्षकों के बीच चल रहा कंफ्यूजन अब खत्म हो गया है। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षक पढ़ाई का काम भी जारी रखेंगे। विभाग..
बिहार में जनगणना कार्य को लेकर शिक्षकों के बीच चल रहा कंफ्यूजन अब खत्म हो गया है। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षक पढ़ाई का काम भी जारी रखेंगे। विभाग की ओर से जारी नए आदेश के मुताबिक, स्कूल अवधि के दौरान शिक्षकों को नियमित रूप से छात्रों को पढ़ाना होगा, जबकि जनगणना से जुड़ा फील्ड वर्क स्कूल शुरू होने से पहले या छुट्टी के बाद करना होगा।
शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र भेजकर पूरे राज्य में एक समान व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है। दरअसल, पिछले कई दिनों से अलग-अलग जिलों में शिक्षकों को अलग निर्देश दिए जा रहे थे। कहीं सुबह 9:30 बजे तक स्कूल में उपस्थिति अनिवार्य की गई थी, तो कहीं जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को सिर्फ उसी काम में लगाया जा रहा था। इससे शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई थी।
स्कूलों की पढ़ाई किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होनी चाहिए
अब विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जनगणना कार्य अध्यापन का विकल्प नहीं होगा। केंद्र सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के हवाले से जारी निर्देश में कहा गया है कि शिक्षक अपनी नियमित सरकारी जिम्मेदारियों के अतिरिक्त जनगणना कार्य भी करेंगे। यानी स्कूलों की पढ़ाई किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
छात्रों की पढ़ाई भी बाधित नहीं होगी
शिक्षा विभाग का कहना है कि इस फैसले से एक ओर जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य समय पर पूरे होंगे, वहीं दूसरी ओर छात्रों की पढ़ाई भी बाधित नहीं होगी। साथ ही विभाग ने यह राहत भी दी है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को 31 मई तक अनिवार्य प्रशिक्षण संबंधी जिम्मेदारियों से मुक्त रखा जाएगा, ताकि वे अतिरिक्त कार्यभार को बेहतर तरीके से संभाल सके।













