बिहार को एक और अमृत भारत ट्रेन की मिलने वाली है सौगात, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन पुश पुल रैक पर होगी आधारित

बिहार वासियों के लिए  एक बड़ी खुशखबरी है। बिहार को एक और अमृत भारत ट्रेन की सौगात मिलने वाली है। बिहार से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और लोगों की डिमांड को देखते हुए आगामी अप्रैल महीने में बिहार से देश की राजधानी दिल्ली के लिए दूसरी अमृत भारत ट्रेन चलाने की तैयारी है। संभावना है कि 14 अप्रैल 2025 से सहरसा से नई दिल्ली के बीच इसका...

बिहार को एक और अमृत भारत ट्रेन की मिलने वाली है सौगात, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन पुश पुल रैक पर होगी आधारित
Bihar gets the gift of Amrit Bharat train

बिहार वासियों के लिए  एक बड़ी खुशखबरी है। बिहार को एक और अमृत भारत ट्रेन की सौगात मिलने वाली है। बिहार से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और लोगों की डिमांड को देखते हुए आगामी अप्रैल महीने में बिहार से देश की राजधानी दिल्ली के लिए दूसरी अमृत भारत ट्रेन चलाने की तैयारी है। संभावना है कि 14 अप्रैल 2025 से सहरसा से नई दिल्ली के बीच इसका संचालन शुरू किया सकता है।आम रेल यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को डिजाइन किया गया है। इसकी गति अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जिससे यह अन्य प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में कम समय में दिल्ली पहुंचाएगी। इस ट्रेन में जनरल और स्लीपर कोच को मिलाकर कुल 22 डिब्बे होंगे। 

कई अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी

अमृत भारत ट्रेन के कोच में यात्रियों को एलईडी लाइट, मोबाइल चार्जिंग, फोल्डिंग टेबल जैसी कई अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। ट्रेन में झटके नहीं लगेंगे। सहरसा से दिल्ली रूट पर चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस में 11 जनरल, 8 स्लीपर, एक पेंट्री कार और दो लगेज कम एलएसआरडी कोच रहेंगे। रेलवे के अधिकारी इसकी तैयारी में जुटे हैं। हालांकि, अभी तक रेलवे बोर्ड की ओर से सहरसा-नई दिल्ली रूट पर अमृत भारत ट्रेन चलाने का आधिकारिक शेड्यूल नहीं जारी किया गया है। 

यह ट्रेन पुश पुल रैक पर आधारित होगी

गौरतलब हो कि पिछले साल रेलवे ने दरभंगा से नई दिल्ली के बीच देश की पहली अमृत भारत ट्रेन चलाई थी। दरभंगा के बाद सहरसा पूर्व मध्य रेलवे का दूसरा स्टेशन होगा जहां से यह तीव्र गति वाली ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन पुश पुल रैक पर आधारित होगी, जिसके दोनों तरफ इंजन होंगे। आगे वाला इंजन ट्रेन को खींचेगा, तो पीछे वाला उसे धक्का देकर ट्रेन की गति को बढ़ाएगा।