बिहार में बिना VLTD और इमरजेंसी बटन के नहीं चलेंगी बसें, 1 अप्रैल से सख्त कार्रवाई

बिहार में अब सार्वजनिक परिवहन को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आपकी गाड़ी में अगर जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं हैं, तो सड़क पर उतरना मुश्किल हो जाएगा। परिवहन विभाग ने साफ निर्देश जारी कर दिए हैं—नियम तोड़ने वालों पर अब सीधे कार्रवाई होगी।बिहार परिवहन विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब बिना व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस...

बिहार में बिना VLTD और इमरजेंसी बटन के नहीं चलेंगी बसें, 1 अप्रैल से सख्त कार्रवाई

बिहार में अब सार्वजनिक परिवहन को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आपकी गाड़ी में अगर जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं हैं, तो सड़क पर उतरना मुश्किल हो जाएगा। परिवहन विभाग ने साफ निर्देश जारी कर दिए हैं—नियम तोड़ने वालों पर अब सीधे कार्रवाई होगी।बिहार परिवहन विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब बिना व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और इमरजेंसी बटन के कोई भी सार्वजनिक वाहन संचालन नहीं कर सकेगा। यह नियम ऑटो-रिक्शा को छोड़कर बस, टैक्सी, कैब और अन्य सभी कमर्शियल वाहनों पर लागू होगा।

स्कूल वाहनों पर खास फोकस:
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश सिर्फ औपचारिक नहीं है, बल्कि इसके पालन को लेकर जमीनी स्तर पर सख्ती बरती जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों और चालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा, वहीं बार-बार गलती करने पर परमिट रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।परिवहन विभाग का सबसे ज्यादा ध्यान स्कूली बच्चों, खासकर छात्राओं की सुरक्षा पर है। सभी जिलाधिकारियों और परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि स्कूल बसों और वैन में VLTD और इमरजेंसी बटन लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।इमरजेंसी बटन दबाते ही वाहन की लोकेशन के साथ अलर्ट सीधे पुलिस और कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सकेगी।

1 अप्रैल से अभियान शुरू
जिन स्कूलों ने अब तक अपनी गाड़ियों में यह सिस्टम इंस्टॉल नहीं कराया है, उनके खिलाफ 1 अप्रैल से सघन छापेमारी अभियान शुरू होने वाला है।यह कोई साधारण ट्रैकिंग सिस्टम नहीं है, बल्कि इसे पटना स्थित ‘कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ से सीधे जोड़ा गया है। विभाग के मुताबिक, इस डिवाइस के जरिए गाड़ी की ‘रियल टाइम’ लोकेशन तो पता चलेगी ही, साथ ही अगर कोई चालक निर्धारित गति से तेज गाड़ी चलाता है, तो उसका अलर्ट भी तुरंत सॉफ्टवेयर पर फ्लैश हो जाएगा।अगर कोई शातिर चालक डिवाइस के साथ छेड़छाड़ करने या उसे तोड़ने की कोशिश करता है, तो उसका भी मैसेज कंट्रोल रूम को मिल जाएगा। 

सरकार का उद्देश्य 
दरअसल विभाग का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और अपराध पर नियंत्रण पाना है। जिलों में तैनात अफसरों को आदेश दिया गया है कि वे स्कूल संचालकों और बस मालिकों के साथ समन्वय करें और सुनिश्चित करें कि 1 अप्रैल से पहले सभी गाड़ियों में यह सुरक्षा कवच लग जाए। जो बसें ओवर स्पीडिंग में पकड़ी जाएंगी, उनके चालकों पर ऑन-द-स्पॉट जुर्माना लगाया जाएगा और बार-बार उल्लंघन करने पर परमिट भी रद्द किया जा सकता है।