मुजफ्फरपुर में खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम में बवाल, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज, कई घायल
बिहार के मुजफ्फरपुर में आयोजित एक बहुप्रतीक्षित पशु मेले का माहौल उस वक्त अचानक हिंसा में बदल गया, जब भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव मंच पर पहुंचे। जहां लोगों को एक मनोरंजन भरी शाम की उम्मीद थी, वहीं देखते ही देखते पूरा कार्यक्रम अफरा-तफरी और हंगामे में तब्दील हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही खेसारी लाल यादव ने माइक संभाला और गाना शुरू किया, ....
बिहार के मुजफ्फरपुर में आयोजित एक बहुप्रतीक्षित पशु मेले का माहौल उस वक्त अचानक हिंसा में बदल गया, जब भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव मंच पर पहुंचे। जहां लोगों को एक मनोरंजन भरी शाम की उम्मीद थी, वहीं देखते ही देखते पूरा कार्यक्रम अफरा-तफरी और हंगामे में तब्दील हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही खेसारी लाल यादव ने माइक संभाला और गाना शुरू किया, भीड़ के एक हिस्से ने हूटिंग शुरू कर दी। शुरुआत में यह महज शोर-शराबा लगा, लेकिन कुछ ही मिनटों में स्थिति बेकाबू हो गई।
जूते-चप्पल और पत्थरबाजी
आक्रोशित भीड़ ने अचानक मंच की ओर जूते-चप्पल और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। उपद्रवियों ने कुर्सियां तोड़ दीं और टेंट को नुकसान पहुंचाया। हालात इतने खराब हो गए कि आयोजक भी भीड़ को नियंत्रित करने में असफल रहे। मजबूरन खेसारी लाल यादव को अपना कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा।स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस ने मोर्चा संभाला। पहले समझाने की कोशिश की गई, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद मौके पर भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल
इस झड़प के दौरान तीन पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस को भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज करते देखा जा सकता है।यह पशु मेला पूर्व भाजपा विधायक Ramsurat Rai द्वारा आयोजित किया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, मेले में क्षमता से अधिक भीड़ जुट गई थी, जबकि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। कहा जा रहा है कि खेसारी लाल यादव को देखने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे थे।कार्यक्रम शुरू हुआ तो खेसारी लाल यादव के फैंस रील्स बनाने के लिए और सेल्फी लेने के लिए मंच के करीब जाने की कोशिश करने लगे। मेला कमेटी के सुरक्षाकर्मियों और ग्रामीणों के बीच मामूली कहासुनी हुई। इसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
पहले भी हो चुका है विवाद
गौरतलब है कि इसी मंच पर दो दिन पहले महिला डांसरों के बीच मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर पहले ही सवाल उठ चुके थे।घटना के बाद प्रशासन ने कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है और इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। बता दें कि यह पशु मेला पूर्व भाजपा विधायक रामसूरत राय द्वारा आयोजित किया गया था, जो पिछले कई वर्षों से इस परंपरा को निभा रहे हैं।













