विपक्षी एकता आगे-आगे, एनडीए पीछे-पीछे, 18 जुलाई को होने वाला है शक्ति प्रदर्शन
2024 का लोकसभा इलेक्शन न जाने कितने रंग दिखाएगा जिस तरीके से 23 जून को बिहार में गैर भाजपाई दलों ने एक विपक्षी एकता की बैठक की थी जिसमें लोकसभा इलेक्शन को लेकर बातचीत की गई और उसी तर्ज पर फिर बेंगलुरु में 17 और 18 जुलाई को फिर से कांग्रेस की अगुवाई में दूसरी बैठक की जा रही है तो इससे पीछे भाजपा कैसे रह सकती हैं

देसवा डेस्क : 2024 का लोकसभा इलेक्शन न जाने कितने रंग दिखाएगा जिस तरीके से 23 जून को बिहार में गैर भाजपाई दलों ने एक विपक्षी एकता की बैठक की थी जिसमें लोकसभा इलेक्शन को लेकर बातचीत की गई और उसी तर्ज पर फिर बेंगलुरु में 17 और 18 जुलाई को फिर से कांग्रेस की अगुवाई में दूसरी बैठक की जा रही है तो इससे पीछे भाजपा कैसे रह सकती हैं
भाजपा का भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए अपने 25 साल पूरे होने पर 18 जुलाई को अपने सिल्वर जुबली मनाई जा रही है इसके साथ ही भाजपा नई दिल्ली में गठबंधन के घटक दलों की बड़ी बैठक भी आयोजित कर रही है इस बैठक में शामिल होने के लिए अब तक 19 दलों को निमंत्रण भेजा जा चुका है इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं पीएम मोदी करेंगे एक तरीके से इसे चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है
एनडीए के 18 जुलाई को जिन दलों को बुलाने की सूची जारी की गई है उसमें चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), उपेंद्र कुशवाहा की लोक समता पार्टी, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान अवाम मोर्चा, संजय निषाद की निर्बल इंडियन शोषित हमारा अपना दल (Nishad)- निषाद पार्टी,अनुप्रिया पटेल का अपना दल (सोनेलाल), जननायक जनता पार्टी (जेजेपी)- हरियाणा, जनसेना- पवन कल्याण, आंध्र प्रदेश, एआईएमडीएमके- तमिलनाडु, तमिल मनिला कांग्रेस, इंडिया मक्कल कलवी मुनेत्र कड़गम, झारखंड की आजसू, एनसीपी- कोनरॉड संगमा, नागालैंड की एनडीपीपी, सिक्किम की एसकेएफ, जोरमथंगा की मिजो नेशनल फ्रंट, असम गण परिषद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी- ओमप्रकाश राजभर, शिवसेना (शिंदे ग्रुप) और एनसीपी (अजित पवार ग्रुप) को निमंत्रण भेजा गया है
रिपोर्ट :- कुमार देवांशु