पटना नगर निगम का बड़ा फैसला: अब बिना लाइसेंस नहीं बिकेगा मांस-मछली, हर दुकान को मिलेगा यूनिक QR कोड

पटना में मांस और मछली की बिक्री को अब पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पटना नगर निगम ने नई लाइसेंस व्यवस्था लागू करते हुए सभी मीट-मछली दुकानदारों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही हर अधिकृत दुकान को एक यूनिक QR कोड दिया जाएगा, जिससे ग्राहक और प्रशासन एक क्लिक में दुकान और दुकानदार की पूरी जानकारी देख सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य शहर में स्वच्छता, पारदर्शि........

पटना नगर निगम का बड़ा फैसला: अब बिना लाइसेंस नहीं बिकेगा मांस-मछली, हर दुकान को मिलेगा यूनिक QR कोड

राजधानी पटना में मांस और मछली की बिक्री को अब पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पटना नगर निगम ने नई लाइसेंस व्यवस्था लागू करते हुए सभी मीट-मछली दुकानदारों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही हर अधिकृत दुकान को एक यूनिक QR कोड दिया जाएगा, जिससे ग्राहक और प्रशासन एक क्लिक में दुकान और दुकानदार की पूरी जानकारी देख सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य शहर में स्वच्छता, पारदर्शिता और सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों को मजबूत करना है।

लाइसेंस लेना अब अनिवार्य, तय हुआ शुल्क
नगर निगम के नए नियमों के अनुसार सभी मांस-मछली विक्रेताओं को वार्षिक लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।लाइसेंस के लिए 2,000 रुपये वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है।गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के दुकानदारों को शुल्क में छूट दी गई है, उन्हें केवल 20 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा।लाइसेंस मिलने के बाद दुकानदार को यूनिक QR कोड जारी किया जाएगा, जिसमें दुकान का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा।यह निर्णय नगर आयुक्त यशपाल मीणा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया।

1400 से अधिक अवैध दुकानें चिन्हित, कार्रवाई की तैयारी
नगर निगम की जांच में सामने आया कि शहर में बड़ी संख्या में मांस-मछली की दुकानें बिना लाइसेंस के संचालित हो रही थीं। सर्वेक्षण के दौरान 1400 से अधिक अवैध दुकानों की पहचान की गई है। सभी दुकानदारों को नोटिस जारी कर लाइसेंस के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया गया है। तय समयसीमा में आवेदन नहीं करने वालों पर जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और दुकान सील करने जैसी कार्रवाई की जाएगी।

उड़नदस्ता टीम करेगी औचक निरीक्षण
नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम जल्द ही एक विशेष उड़नदस्ता टीम का गठन करेगा। यह टीम शहर के विभिन्न इलाकों में औचक निरीक्षण करेगी। खुले में बिक्री और गंदगी की जांच करेगी। बिना लाइसेंस संचालित दुकानों पर सख्त कार्रवाई करेगी। इससे मांस-मछली बाजार को अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

धार्मिक और शैक्षणिक स्थलों के पास बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
नगर निगम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी मंदिर, मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थल के पास मांस-मछली की बिक्री नहीं होगी।स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास भी बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने के साथ दुकान सील करने की कार्रवाई की जाएगी।डिजिटल QR कोड, अनिवार्य लाइसेंसिंग और नियमित निरीक्षण की इस नई व्यवस्था से पटना में मांस-मछली की बिक्री अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगी। नगर निगम का मानना है कि इस कदम से न केवल अवैध कारोबार पर रोक लगेगी, बल्कि शहर की स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों में भी बड़ा सुधार होगा।