बिहार में कानून-व्यवस्था पर सियासत तेज, मुजफ्फरपुर घटना पर गरजे तेजस्वी यादव—सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। तेजस्वी यादव ने मुजफ्फरपुर में एक युवक को पुलिस द्वारा...

बिहार में कानून-व्यवस्था पर सियासत तेज, मुजफ्फरपुर घटना पर गरजे तेजस्वी यादव—सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। तेजस्वी यादव ने मुजफ्फरपुर में एक युवक को पुलिस द्वारा कथित रूप से गोली मारे जाने की घटना को लेकर राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है।पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है और पुलिस अब आम नागरिकों के लिए खतरा बनती जा रही है। उन्होंने इस घटना को राज्य में बढ़ती अराजकता का बड़ा उदाहरण बताया।

‎सरकार पर तंज

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जिस थानेदार या दरोगा ने युवक को गोली मारी, वह कथित तौर पर नशे में था। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू है, वहां एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी नशे में कैसे हो सकता है और ऐसी घटना को अंजाम कैसे दे सकता है।

‎उन्होंने साफ कहा कि इस मामले को लेकर वे वरिष्ठ अधिकारियों से बात करेंगे और आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। साथ ही उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को जनता की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं रह गया है।

‎महंगाई और केंद्र सरकार पर भी निशाना

‎तेजस्वी यादव ने इस दौरान देश में बढ़ती महंगाई, एलपीजी गैस सिलेंडर और पेट्रोल की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गलत नीतियों के कारण आम आदमी का जीवन मुश्किल होता जा रहा है और आने वाले समय में महंगाई और विकराल रूप ले सकती है।उन्होंने भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए इसे ‘निजी नीति’ करार दिया और दावा किया कि आज भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति कमजोर हो रही है।

‎पुलिस आउट ऑफ कंट्रोल

‎तेजस्वी यादव ने बार-बार दोहराया कि बिहार पुलिस अब पूरी तरह से “आउट ऑफ कंट्रोल” हो चुकी है और सरकार का प्रशासन पर से नियंत्रण खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा आम लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मुजफ्फरपुर यात्रा सिर्फ एक संवेदना मुलाकात नहीं है, बल्कि सरकार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन की शुरुआत है।