बिहार में सफर हो सकता है महंगा, बस-ऑटो किराया बढ़ाने पर मंथन

बिहार में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। राज्य में बस, ऑटो और अन्य यात्री वाहनों के किराये में 20 से 25 ....

बिहार में सफर हो सकता है महंगा, बस-ऑटो किराया बढ़ाने पर मंथन

बिहार में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। राज्य में बस, ऑटो और अन्य यात्री वाहनों के किराये में 20 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी की मांग उठने लगी है। इसी मुद्दे पर रविवार को परिवहन संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें किराया वृद्धि को लेकर अंतिम रणनीति तय की जाएगी।

ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के प्रांतीय महासचिव राजकुमार झा ने बताया कि ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से परिवहन व्यवसाय गंभीर आर्थिक दबाव में है। वाहन मालिकों और परिवहन कर्मियों के लिए मौजूदा किराये पर संचालन करना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में बैठक में किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस बैठक में ऑटो चालक, बस मालिक, ट्रक संचालक समेत विभिन्न परिवहन संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

परिवहन विभाग और परिवहन सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा

उन्होंने कहा कि यदि बैठक में सहमति बनती है, तो सोमवार को परिवहन विभाग और परिवहन सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा। सरकार से किराया वृद्धि की अनुमति देने और परिवहन कर्मियों की समस्याओं पर विचार करने की मांग की जाएगी। नई दरें सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही लागू होंगी।

इधर बिहार स्टेट मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के प्रमंडलीय अध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि किराया वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि बढ़ोतरी सीमित रखने पर भी चर्चा हो सकती है। उन्होंने बताया कि पाटलिपुत्र अंतरराज्यीय बस स्टैंड में रविवार को संगठन की बैठक होगी, जहां डीजल की बढ़ती कीमतों और परिवहन खर्च का आकलन किया जाएगा।

राज्य में बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक वाहनों से सफर करना महंगा हो सकता है

वहीं प्रगतिशील ऑटो चालक यूनियन, पटना जिला के महासचिव नवीन मिश्रा ने बताया कि मल्टी लेवल पार्किंग परिसर में रविवार दोपहर बैठक बुलाई गई है। इसमें यह तय किया जाएगा कि मौजूदा परिस्थितियों में किराया बढ़ाना कितना जरूरी है। यदि संगठन के सदस्य सहमत होते हैं, तो सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा।

अगर परिवहन विभाग किराया वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो राज्य में बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक वाहनों से सफर करना महंगा हो सकता है। इसका सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा।