बिहार सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला, राजस्व विभाग में व्यापक तबादला
बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और लंबित मामलों के तेजी से निपटारे के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग ने एक साथ 34 ....
बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और लंबित मामलों के तेजी से निपटारे के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग ने एक साथ 34 राजस्व पदाधिकारियों का तबादला करते हुए कई अनुमंडलों और जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब हाल ही में राजस्व कर्मियों की हड़ताल को लेकर विभाग लगातार दबाव में रहा है। ऐसे में सरकार के इस कदम को राजस्व तंत्र को फिर से सक्रिय और प्रभावी बनाने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 18 अधिकारियों को अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी (SDRO) बनाया गया है। इन अधिकारियों को ऐसे अनुमंडलों में तैनात किया गया है, जहां जमीन विवाद, दाखिल-खारिज, म्यूटेशन और राजस्व से जुड़े मामलों की संख्या अधिक है। विभाग का लक्ष्य है कि आम लोगों से जुड़े राजस्व मामलों का जल्द निष्पादन हो सके और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आए।
नई तैनाती के तहत भास्कर को मंझौल, ललित कुमार सिंह को बखरी, राकेश रंजन को पकड़ीदयाल, अजीत कुमार को फारबिसगंज, संतोष कुमार सुमन को नीमचक बथानी और रंजीत कुमार को मनिहारी का अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं विकास कुमार सिंह को बारसोई, विक्रम भास्कर को तारापुर, प्रवीण कुमार पांडेय को जयनगर, कौशर ईमाम को रजौली और सुजीत सुमन को बनमनखी की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा निलेश कुमार चौरसिया को डिहरी-ऑन-सोन, विनय कुमार को शिवहर, रवि शंकर सिन्हा को बेलसंड, मृत्युंजय कुमार को वीरपुर, सुधांशु शेखर को महनार, राजीव कुमार को बलिया और हलेन्द्र कुमार सिंह को हवेली खड़गपुर में अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी के पद पर तैनात किया गया है।
16 अधिकारियों को पहली बार जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (DLAO) की जिम्मेदारी
सरकार ने 16 अधिकारियों को पहली बार जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (DLAO) की जिम्मेदारी भी सौंपी है। माना जा रहा है कि राज्य में सड़क, पुल, रेल और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
नई पोस्टिंग के तहत अमरनाथ चौधरी को अररिया, अमरेन्द्र कुमार को अरवल, शुभेन्द्र कुमार झा को औरंगाबाद और पंकज कुमार को बांका का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं चंद्रशेखर तिवारी को भोजपुर, राजेश रंजन को कैमूर, राजेश कुमार को खगड़िया, अक्षयवट तिवारी को किशनगंज और प्रकाश कुमार सिन्हा को लखीसराय की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा अशोक कुमार शर्मा को सहरसा, राजेश कुमार सिंह को शिवहर, सत्येन्द्र कुमार सिंह को सीतामढ़ी, संजय कुमार सिंह को सीवान, शरत कुमार मंडल को नवादा, सुबोध कुमार को मधुबनी और मो. गुलाम शाहिद को सारण का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
वादाखिलाफी का आरोप
हालांकि इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद विभागीय संघों में नाराजगी भी सामने आने लगी है। जानकारी के मुताबिक, अनुमंडल स्तर पर डीसीएलआर पद सृजित करने के आश्वासन के बाद कर्मचारी और अधिकारी संघ हड़ताल से वापस लौटा था लेकिन अब एसडीआरओ पदों पर नई पोस्टिंग किए जाने को लेकर कुछ कर्मचारी नेता सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं।
प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम
संघ के भीतर इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विभाग और कर्मचारी संगठनों के बीच तनाव बढ़ सकता है।विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है। सरकार की कोशिश है कि राजस्व प्रशासन से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो और आम लोगों के लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जा सके। हालिया हड़ताल के बाद लिया गया यह फैसला प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
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