“परिवारवाद बनाम महिला सशक्तिकरण” — सम्राट चौधरी का विपक्ष पर हमला
राजधानी पटना में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की ओर से महिला आरक्षण बिल के समर्थन में ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ का आयोज...
राजधानी पटना में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की ओर से महिला आरक्षण बिल के समर्थन में ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर करीब 10 हजार महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। महिलाओं के हाथों में तिरंगा और विरोध के पोस्टर थे। प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने खुद को जंजीर से बांधकर प्रतीकात्मक विरोध जताया, जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का खास ध्यान आकर्षित किया। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हुए और उन्होंने मंच से जोरदार संबोधन दिया।
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में बड़ा इजाफा
सीएम सम्राट चौधरी ने अपने भाषण की शुरुआत “जय श्री राम” और “जय मईया सीता” के जयकारों के साथ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं और सरकार महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती आबादी और भविष्य के परिसीमन के बाद महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में बड़ा इजाफा होगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में विधानसभा में 122 तक महिला विधायक चुनी जा सकती हैं।
कुछ दल नहीं चाहते कि बड़ी संख्या में महिलाएं संसद और विधानसभा तक पहुंचें-सम्राट चौधरी
विपक्ष पर हमला बोलते हुए सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि कुछ दल नहीं चाहते कि बड़ी संख्या में महिलाएं संसद और विधानसभा तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियां केवल अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाने में विश्वास रखती हैं, जबकि उनकी पार्टी पूरे देश की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार के नगर निकाय चुनावों में करीब 69% महिलाएं जीत हासिल कर रही हैं, जो महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी का संकेत है।
जो भी महिलाओं के साथ गलत करेगा, उसे पाताल से खोजकर सजा दी जाएगी
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “जो भी महिलाओं के साथ गलत करेगा, उसे पाताल से खोजकर सजा दी जाएगी।”अंत में सीएम ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि महिला आरक्षण के मुद्दे को जन आंदोलन का रूप दिया जाए और इस जन आक्रोश को तब तक ज्वाला बनाकर रखा जाए, जब तक लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण पूरी तरह लागू नहीं हो जाता













