Waqf Bill पास होते ही जदयू के 4 मुस्लिम नेताओं के इस्तीफे से गरमाई बिहार की सियासत,पप्पू यादव बोले-उनका पार्टी पर कोई कंट्रोल नहीं
बिहार में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सभी पार्टियों ने जोरों शोरों से तैयारियां शुरू कर दी हैं । सत्ता पक्ष हो या विपक्ष सबने चुनाव को लेकर किलेबंदी शुरू कर दी है। वहीं दूसरी तरफ बिहार की राजनीति में वक्फ संशोधन बिल पर जेडीयू के समर्थन के बाद घमासान मच गया है। सीएम नीतीश की पार्टी में इस फैसले को लेकर नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के चार नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा..

बिहार में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सभी पार्टियों ने जोरों शोरों से तैयारियां शुरू कर दी हैं । सत्ता पक्ष हो या विपक्ष सबने चुनाव को लेकर किलेबंदी शुरू कर दी है। वहीं दूसरी तरफ बिहार की राजनीति में वक्फ संशोधन बिल पर जेडीयू के समर्थन के बाद घमासान मच गया है। सीएम नीतीश की पार्टी में इस फैसले को लेकर नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के चार नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
इन नेताओं का पार्टी से कोई आधिकारिक संबंध नहीं -जदयू
बता दें कि वक्फ बिल पर समर्थन देने से नाराज होकर जेडीयू केअल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मोहम्मद शाहनवाज मलिक, प्रदेश महासचिव सिए मो. तबरेज सिद्दीकी अलीग, भोजपुर के पार्टी सदस्य मो. दिलशान राईन और पूर्व प्रत्याशी मोहम्मद कासिम अंसारी ने पार्टी से नाता तोड़ लिया। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि जेडीयू ने मुस्लिम समुदाय का भरोसा तोड़ा है और यह कदम सेक्युलर छवि के खिलाफ है। वहीं जेडीयू ने इन इस्तीफों को कोई खास तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि इन नेताओं का पार्टी से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।
जेडीयू MLC गुलाम गौस ने भी विरोध दर्ज किया
जदयू की जिला अध्यक्ष मंजू देवी ने स्पष्ट किया कि कासिम अंसारी पहले ही पार्टी से निष्कासित हो चुके हैं और वे जेडीयू के सदस्य नहीं हैं और नाहीं उन्होंने कभी जेडीयू की टिकट पर चुनाव ही लड़ा है। गौरतलब हो कि वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे पर पूर्व MLC मौलाना गुलाम रसूल बलियावी और जेडीयू MLC गुलाम गौस ने भी विरोध दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए वक्फ बोर्ड की जमीन छीनने की कोशिश की जा रही है, जिससे मुस्लिम समुदाय की भलाई के लिए चल रही योजनाएं प्रभावित होंगी।
उनका पार्टी पर कोई कंट्रोल नहीं है-पप्पू यादव
मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने वक्फ बिल पर कहा कि-'अब कम्युनल और सेक्युलर में कोई फर्क नहीं रह गया है। इदारे शरिया देश के सभी हाई कोर्ट में लीगल सेल की बैठक करेगी। इस पर जल्द फैसला लेगी। दीवार पर लिखने से नहीं दिमाग से काम लेना होगा। वहीं पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने वक्फ बिल पर जदयू के समर्थन को लेकर कहा कि- 'नीतीश कुमार सेक्युलर थे, हैं और रहेंगे.. लेकिन पार्टी के नेता नहीं है। वो आरक्षण विरोधी हैं। उनका पार्टी पर कोई कंट्रोल नहीं है।