राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने स्वतंत्रता की लड़ाई पर दिया बयान, कहां - 'सत्याग्रह की वजह से नहीं हथियार देखकर भागे थे अंग्रेज'

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने स्वतंत्रता की लड़ाई पर दिया बयान, कहां - 'सत्याग्रह की वजह से नहीं हथियार देखकर भागे थे अंग्रेज'

DESK : बिहार भारत के राजनीति का सेंटर शुरुआत से ही रहा है. बिहार की राजनीति दिल्ली के लिए अहम है. बिहार की राजनीति तो ऐसे हमेशा ही गर्म रहता है, लेकिन अभी एक और मुद्दे ने बिहार की राजनीति में सरगर्मी पैदा कर दी है. बिहार के 29वें राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शनिवार को स्वतंत्रता की लड़ाई पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने गांधी के सत्याग्रह की उपलब्धि को सिरे से नकार दिया और कहा कि अंग्रेज सत्याग्रह की वजह से नहीं बल्कि हथियार देखकर भागे थे. उन्होंने गोवा में आज ब्रिटिश संसद के पूर्व सांसदों और भारत की आजादी को लकेर ब्रिटिश पार्लियामेंट में हुई. चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का स्वतंत्रता आंदोलन किसी एक भाग में नहीं था. ये पूरे देश का स्वतंत्रता आंदोलन था. 

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने गोवा में आज ब्रिटिश संसद के पूर्व सांसदों और भारत की आजादी को लेकर ब्रिटिश पार्लियामेंट में हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का स्वतंत्रता आंदोलन किसी एक भाग में नहीं था यह पूरे देश का स्वतंत्रता आंदोलन था. राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने कहा कि जब लोगों ने हथिया उठाए, बंदूकें उठाई तब अंग्रेजों को सोचना पड़ा, कि यहां रहना है या नहीं. सत्याग्रह की वजह से वो लोग नहीं गए. जब उन लोगों ने देखा हथियार उनके हाथ में हैं, बंदूकें उनके हाथ में हैं. अपनी मातृभूमि को स्वतंत्र कराने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. तब उनके बीच में विचार विमर्श होने लगा ब्रिटिश पार्लियामेंट में इंडिपेंडेंस एक्ट पर चर्चा हो रही थी. उस वक्त के उनके भाषण आप लोगों को पढ़ना चाहिए.

उस दौरान ब्रिटिश पार्लियामेंट में उनके सांसद क्या बोल रहे थे. सत्याग्रह से नहीं सशस्त्र आंदोलन से अंग्रेज भागे थे. इस दौरान कैसे अंग्रेजों को जान गंवानी पड़ी थी. इसका उल्लेख भाषणों में है, तब अंग्रेजों को लगा कि अब हमारे जाने का समय आ गया है. आर्लेकर ने आनंदिता सिंह द्वारा लिखित पुस्तक 'भारत के उत्तर पूर्व में स्वतंत्रता संग्राम का संक्षिप्त इतिहास (1498 से 1947)' पर यह टिप्पणी की. आर्लेकर ने कहा कि गोवा की खोज क्या है? अगर हम इसे सामने लाने की कोशिश करते हैं तो गोवा में कुछ लोग परेशान हो जाते हैं. उन्हें दर्द होता है. क्या हमें यह नहीं बताना चाहिए कि आपकी जड़ें क्या हैं? उन्होंने कहा कि हमें किसी से डरे बिना अपनी बात कहनी होगी.

REPORT - KUMAR DEVANSHU