नालंदा में ‘प्रेग्नेंट जॉब’ के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, खेतों से चल रहा था देशभर का फ्रॉड नेटवर्क

बिहार के नालंदा में साइबर अपराधियों के एक बेहद शातिर और चौंकाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने ठगी का ऐसा जाल बिछाया था कि पुलिस भी हैरान रह गई। यह गैंग “गर्भवती करो, लाखों कमाओ” जैसे फर्जी ऑफर देकर देशभर के लोगों को अपना शिकार बना रही थी।कतरीसराय थाना की सतर्क पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनसान चंवर इलाके में छापेमारी कर एक नाबालिग समेत कुल.....

नालंदा में ‘प्रेग्नेंट जॉब’ के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, खेतों से चल रहा था देशभर का फ्रॉड नेटवर्क

बिहार के नालंदा में साइबर अपराधियों के एक बेहद शातिर और चौंकाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने ठगी का ऐसा जाल बिछाया था कि पुलिस भी हैरान रह गई। यह गैंग “गर्भवती करो, लाखों कमाओ” जैसे फर्जी ऑफर देकर देशभर के लोगों को अपना शिकार बना रही थी।कतरीसराय थाना की सतर्क पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनसान चंवर इलाके में छापेमारी कर एक नाबालिग समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है, जबकि अन्य पांच आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फेसबुक पर ‘ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब’ नाम से एक फर्जी पेज बनाया था। इस पेज के माध्यम से लोगों को एक व्हाट्सएप नंबर दिया जाता था, जहां संपर्क करने पर उन्हें लालच भरे ऑफर दिए जाते थे। ठग दावा करते थे कि जो व्यक्ति उनकी बताई गई “पसंद की लड़की” को गर्भवती करेगा, उसे 5 लाख से लेकर 13 लाख रुपए तक का इनाम मिलेगा।

रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर पैसे वसूले जाते
ठगी का तरीका बेहद सुनियोजित था। आरोपी पहले सुंदर महिलाओं और लड़कियों की तस्वीरें भेजकर शिकार से उसकी पसंद पूछते थे। जैसे ही व्यक्ति झांसे में आता, उससे रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर पैसे वसूले जाते। इसके बाद सिक्योरिटी फीस, सर्विस चार्ज और GST जैसे अलग-अलग बहानों से 5,000 से 20,000 रुपए तक की अतिरिक्त रकम ऐंठ ली जाती थी।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली
इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरा नेटवर्क किसी ऑफिस से नहीं, बल्कि सुनसान खेतों और पगडंडियों से संचालित किया जा रहा था। 12 फरवरी 2026 को पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके बाद सुंदरपुर और बरीठ गांव के चंवर में छापेमारी की गई। वहां कई युवक अलग-अलग स्थानों पर बैठकर मोबाइल फोन के जरिए ठगी को अंजाम दे रहे थे।

घेराबंदी कर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया
पुलिस को देखते ही आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन घेराबंदी कर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से जब्त मोबाइल फोन में कई महिलाओं की तस्वीरें, वीडियो और फर्जी विज्ञापन से जुड़े अहम सबूत मिले हैं।फिलहाल पुलिस इस साइबर गिरोह के पूरे नेटवर्क और इसके अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर अपराधी लालच और झूठे वादों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।