बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ा वार: विशेष निगरानी इकाई ने JE अमन कुमार को रिश्वत लेते दबोचा
बिहार की राजधानी पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने आज भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रूख अपनाते हुए एक निर्णायक कार्यवाई की। मुजफ्फरपुर जिले के साहिबगंज में तैनात कनीय अभियंता (JE) अमन कुमार को ₹9,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद जिले के सरकारी महकमों में हड़कंप...
बिहार की राजधानी पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने आज भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रूख अपनाते हुए एक निर्णायक कार्यवाई की। मुजफ्फरपुर जिले के साहिबगंज में तैनात कनीय अभियंता (JE) अमन कुमार को ₹9,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद जिले के सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है।
कैसे बिछाया गया जाल
मामले की शुरुआत परिवादी राजकुमार तिवारी की लिखित शिकायत से हुई, जो SVU कार्यालय में दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि साहिबगंज क्षेत्र में पेवर्स ब्लॉक लगाने के कार्य को आगे बढ़ाने के बदले कनीय अभियंता द्वारा ₹25,000 की रिश्वत मांगी जा रही है।शिकायत की गंभीरता को देखते हुए SVU ने गुप्त सत्यापन कराया। जिसमें आरोप सही पाए गए। जिसके बाद कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई।
DSP के नेतृत्व में गठित हुआ विशेष धावा दल
SVU के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) राज कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष ‘धावा दल’ का गठन किया गया। योजना के तहत जैसे ही परिवादी ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ₹9,000 आरोपी को सौंपे, पहले से तैनात निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेई अमन कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।इस प्रकरण में पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई थाने में कांड संख्या 07/26 दर्ज किया गया है। आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथा संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में साक्ष्यों का संकलन जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि इस भ्रष्टाचार में अन्य किसी की संलिप्तता तो नहीं है।SVU अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देती है, बल्कि आम नागरिकों को भी यह भरोसा दिलाती है कि शिकायत करने पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव है।













