TRE 4 पर रोस्टर का ग्रहण: 26 हजार शिक्षक बहाली फिर अटकी, प्रशासनिक चूक से बढ़ा सस्पेंस
बिहार में सरकारी विद्यालयों के लिए होने वाली शिक्षक बहाली एक बार फिर प्रशासनिक पेंच में उलझती नजर आ रही है। करीब 26 हजार पदों पर प्रस्तावित TRE 4 शिक्षक बहाली इस समय रोस्टर क्लियरेंस की बाधा में फंस गई है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर असमंजस का बादल छा गया है।शिक्षा विभाग ने जिलों से प्राप्त रोस्टर रिपोर्ट को उत्साहपूर्वक सामान्य प्रशासन विभाग (GAD.....
बिहार में सरकारी विद्यालयों के लिए होने वाली शिक्षक बहाली एक बार फिर प्रशासनिक पेंच में उलझती नजर आ रही है। करीब 26 हजार पदों पर प्रस्तावित TRE 4 शिक्षक बहाली इस समय रोस्टर क्लियरेंस की बाधा में फंस गई है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर असमंजस का बादल छा गया है।शिक्षा विभाग ने जिलों से प्राप्त रोस्टर रिपोर्ट को उत्साहपूर्वक सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को भेजा था, लेकिन वहां हुई तकनीकी जांच में गंभीर विसंगतियां और आंकड़ों की गड़बड़ियां सामने आ गईं। इन खामियों ने न केवल पूरी बहाली प्रक्रिया की रफ्तार थाम दी, बल्कि विभागीय कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह 10 बजे से देर शाम तक मैराथन बैठक
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को विकास भवन में सुबह 10 बजे से देर शाम तक मैराथन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के शिक्षा अधिकारी और स्थापना प्रभारी तलब किए गए। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया कि रोस्टर में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।सूत्रों के अनुसार, कई जिलों के आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया, जिसे मौके पर ही सुधारने के निर्देश दिए गए। वहीं, कुछ जिलों को स्पष्ट चेतावनी के साथ सीमित समय की मोहलत दी गई है। अधिकारियों को यह भी आगाह किया गया कि रोस्टर में मामूली चूक भी पूरी बहाली को कानूनी पचड़े में डाल सकती है।
रिपोर्ट दोबारा सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाएगी
बता दें कि रोस्टर में सुधार के बाद रिपोर्ट दोबारा सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाएगी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद वित्त विभाग (खजाना) की अनुमति जरूरी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी भी स्तर पर तकनीकी गलती रह गई, तो पूरी TRE 4 बहाली अदालती चक्करव्यूह में फंस सकती है, जिससे देरी और बढ़ना तय है।एक ओर जहां अभ्यर्थी परीक्षा तिथियों की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक सुस्ती और दकियानूसी ने उनकी बेचैनी को और बढ़ा दिया है। हालांकि शिक्षा विभाग का दावा है कि जल्दबाजी के बजाय पारदर्शिता और कानूनी मजबूती को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि भविष्य में किसी तरह की कानूनी अड़चन न आए।अब बड़ा सवाल यही है क्या अगले एक हफ्ते में रोस्टर की यह गुत्थी सुलझ पाएगी?या फिर TRE 4 शिक्षक बहाली भी एक बार फिर “तारीख पर तारीख” की फाइल में दर्ज हो जाएगी?













