अनंत सिंह जेल से आएंगे बाहर,पटना से मोकामा तक सियासी हलचल तेज, 24 मार्च को रोड शो रूट तय

मोकामा की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड में बड़ी राहत मिली है। पटना हाईकोर्ट ने 19 मार्च को उन्हें सशर्त जमानत दे दी, जिसके बाद उनकी रिहाई और आगे की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक दुलारचंद हत्याकांड में गिरफ्तार होकर बेऊर जेल में बंद अनंत सिंह ...

अनंत सिंह जेल से आएंगे बाहर,पटना से मोकामा तक सियासी हलचल तेज, 24 मार्च को रोड शो रूट तय

मोकामा की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड में बड़ी राहत मिली है। पटना हाईकोर्ट ने 19 मार्च को उन्हें सशर्त जमानत दे दी, जिसके बाद उनकी रिहाई और आगे की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक दुलारचंद हत्याकांड में गिरफ्तार होकर बेऊर जेल में बंद अनंत सिंह अब 23 मार्च को रिहा होंगे। रिहाई के बाद वे सीधे अपने पटना स्थित विधायक आवास पहुंचेंगे, जहां समर्थकों की भीड़ जुटने की संभावना है।

रिहाई के अगले दिन रोड शो
24 मार्च को अनंत सिंह अपने विधानसभा क्षेत्र में रोड शो करेंगे। यह रोड शो बाढ़ से बड़हिया महारानी स्थान मंदिर तक मोकामा होते हुए निकलेगा। इसे उनकी ताकत और जनसमर्थन के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद शर्तों के साथ जमानत दी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि अनंत सिंह केस के सूचक या गवाहों को प्रभावित या धमकाने की कोशिश करते हैं, तो उनकी जमानत तत्काल रद्द की जा सकती है। साथ ही, सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित रहना भी अनिवार्य होगा। 

गिरफ्तारी के बावजूद जीता चुनाव
जानकारी के लिए बता दें कि 30 अक्टूबर 2025 को चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। इसके बाद 1 नवंबर को अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तारी के बावजूद उन्होंने जेल में रहते हुए चुनाव लड़ा और राजद की वीणा देवी को हराकर मोकामा सीट पर जीत दर्ज की।16 मार्च को राज्यसभा चुनाव में वोट डालने पहुंचे अनंत सिंह ने संकेत दिया था कि वे अब चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनकी राजनीतिक विरासत उनके बच्चे संभालेंगे। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई थी। जमानत के बाद अनंत सिंह की वापसी से मोकामा और आसपास के इलाकों में सियासी समीकरण बदल सकते हैं।अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे सक्रिय राजनीति में रहते हैं या पर्दे के पीछे से अपनी पकड़ मजबूत करते हैं।