मुजफ्फरपुर में डिजिटल अरेस्ट का जाल: रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 67 लाख की साइबर ठगी, पिता-पुत्र गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर डिजिटल अपराधों के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। इस घटना में साइबर अपराधियों ने “डिजिटल अ...

मुजफ्फरपुर में डिजिटल अरेस्ट का जाल: रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 67 लाख की साइबर ठगी, पिता-पुत्र गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर डिजिटल अपराधों के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। इस घटना में साइबर अपराधियों ने “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 67 लाख रुपये की ठगी कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान प्रियरंजन शर्मा और उनके पुत्र अनंत अभिषेक के रूप में हुई है, जो राजीव नगर थाना क्षेत्र के फ्रेंड्स कॉलोनी, आशियाना नगर के निवासी हैं।

‎पुलिस ने आरोपियों के घर पर छापेमारी......

‎जांच के दौरान जब पुलिस ने आरोपियों के घर पर छापेमारी की, तो कई चौंकाने वाले सबूत सामने आए। मौके से अलग-अलग बैंकों की एक दर्जन से अधिक चेकबुक, मोहर और अहम दस्तावेज बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, प्रियरंजन शर्मा एक एनजीओ संचालित करते थे, जिसके माध्यम से उन्होंने विभिन्न बैंकों में दो दर्जन से अधिक खाते खुलवा रखे थे।तफ्तीश में यह भी खुलासा हुआ कि पिता-पुत्र की यह जोड़ी अपने बैंक खातों को साइबर अपराधियों को किराये पर देती थी। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने में किया जाता था, जिससे पुलिस के लिए ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था। इसके बदले दोनों को करीब 3 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।

‎42 लाख रुपये जयपुर के एक बैंक खाते में भेजे गए थे

‎पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की कुल 67 लाख रुपये की राशि में से 25 लाख रुपये प्रियरंजन शर्मा के खाते में ट्रांसफर किए गए, जबकि शेष 42 लाख रुपये जयपुर के एक बैंक खाते में भेजे गए थे।इस पूरे ऑपरेशन को साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की गहराई से जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि 'डिजिटल अरेस्ट' या किसी भी सरकारी एजेंसी के नाम पर आने वाले कॉल से सतर्क रहें। बिना पुष्टि किए किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।