नये साल की शुरुआत में ही कांपा बिहार, 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 5 जनवरी तक नहीं मिलेगी राहत

नये साल की शुरुआत जश्न और उम्मीदों की जगह बिहार के लिए ठिठुरन और चिंता लेकर आई है। 1 जनवरी की सुबह राज्य के अधिकांश हिस्से शीतलहर, कोल्ड डे और घने कोहरे की गिरफ्त में नजर आए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हालात की गंभीरता को देखते हुए बिहार के 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और साफ संकेत दिया है कि 5 जनवरी तक ठंड से किसी बड़ी राहत की संभावना नहीं है।बीते...

नये साल की शुरुआत में ही कांपा बिहार, 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 5 जनवरी तक नहीं मिलेगी राहत

नये साल की शुरुआत जश्न और उम्मीदों की जगह बिहार के लिए ठिठुरन और चिंता लेकर आई है। 1 जनवरी की सुबह राज्य के अधिकांश हिस्से शीतलहर, कोल्ड डे और घने कोहरे की गिरफ्त में नजर आए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हालात की गंभीरता को देखते हुए बिहार के 25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और साफ संकेत दिया है कि 5 जनवरी तक ठंड से किसी बड़ी राहत की संभावना नहीं है।बीते कुछ दिनों से बिहार पर ठंड का साया बना हुआ है, लेकिन साल बदलते ही मौसम और ज्यादा बेरहम हो गया। IMD के अनुसार, उत्तर बिहार के कई जिलों में कोल्ड डे की स्थिति दर्ज की गई है, जबकि उत्तर-मध्य, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण बिहार के इलाकों में घना कोहरा जनजीवन को प्रभावित कर रहा है।

13 से अधिक शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज
बीते 24 घंटों में गया, रोहतास और राजगीर जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया, जबकि गया में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। राज्य के 13 से अधिक शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है।वहीं सुबह और देर रात विजिबिलिटी बेहद कम हो जाने से सड़क और रेल यातायात पर सीधा असर पड़ा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 5 जनवरी तक न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे ही बना रहेगा, जबकि 6 जनवरी के बाद ही हल्की राहत मिलने की उम्मीद है। दिलचस्प बात यह है कि जिन इलाकों में धूप निकल रही है, वहां भी ठंड का असर कम नहीं हो रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसका कारण रेडिएशनल कूलिंग है, जिसमें साफ आसमान होने पर धरती की गर्मी तेजी से वायुमंडल में चली जाती है, जिससे रात और सुबह का तापमान और गिर जाता है।

 ठंड ने आम लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और पश्चिम बंगाल से उत्तरी बांग्लादेश तक फैले चक्रवाती परिसंचरण के कारण वातावरण में नमी बढ़ी है। यही नमी राज्य के बड़े हिस्से में घने कोहरे की वजह बन रही है। वहीं कई जिलों में एक सप्ताह से धूप नहीं निकलने के कारण अधिकतम तापमान भी नीचे बना हुआ है, जिससे दिन और रात दोनों समय ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। इतना ही कड़ाके की ठंड ने आम लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है।  राज्य के विभिन्न हिस्सों से सामने आई तस्वीरें ठंड की गंभीरता को बयां कर रही हैं।मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज की जा सकती है। कुल मिलाकर, नये साल के शुरुआती दिन बिहार के लिए ठंड की एक कठिन परीक्षा बनकर सामने आए हैं।