बिहार को मिलेंगी 400 नई ई-बसें, डीजल पर निर्भरता होगी कम
बिहार में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने की दिशा में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) लगातार ठोस कदम उठा रहा है। स्वच्छ, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देते हुए निगम ने राज्य में हरित परिवहन का एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत किया है। वर्तमान में बीएसआरटीसी की कुल 884 बसें सफलतापूर्वक संचालित ह......
बिहार में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने की दिशा में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) लगातार ठोस कदम उठा रहा है। स्वच्छ, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देते हुए निगम ने राज्य में हरित परिवहन का एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत किया है। वर्तमान में बीएसआरटीसी की कुल 884 बसें सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं, जिनमें 366 सीएनजी बसें और 25 ई-बसें शामिल हैं।
जल्द मिलेंगी 400 नई ई-बसें
ई-बसों के संचालन से अब तक लगभग 25.67 लाख लीटर डीजल की बचत की जा चुकी है। इसके साथ ही करीब 6,778 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है, जिससे परिवहन जनित प्रदूषण में लगभग 30 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। डीजल बसों की तुलना में ई-बसें वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को उल्लेखनीय रूप से कम कर रही हैं।प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार को शीघ्र ही लगभग 400 नई ई-बसें मिलने वाली हैं। इन बसों के परिचालन से डीजल और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता और कम होगी, जिससे कार्बन फुटप्रिंट में और कमी आएगी। साथ ही शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ, शांत और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को नई मजबूती मिलेगी।
डिपो और बस स्टैंड भी बनेंगे हरित
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बीएसआरटीसी प्रदेश के 17 बस डिपो और बस स्टैंडों में कम से कम 30 प्रतिशत क्षेत्र को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित कर रहा है। इस पहल के तहत व्यापक वृक्षारोपण, हरित पट्टियों का विकास, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट, भवनों में ऊर्जा-सक्षम प्रकाश व्यवस्था और पर्यावरण-अनुकूल डिज़ाइन को अपनाया जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि वायु और ध्वनि प्रदूषण में भी कमी आएगी।
चार्जिंग अवसंरचना का विस्तार
यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निगम चरणबद्ध तरीके से ई-बसों के लिए चार्जिंग अवसंरचना भी स्थापित करेगा। यह कदम राज्य में ई-मोबिलिटी को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।













