बिहार में जुगाड़ गाड़ी चलाना अब अपराध, DTO को मिले सख्त निर्देश, चालान और जब्ती तय

बिहार की सड़कों पर लंबे समय से नियमों को ठेंगा दिखाकर चल रही जुगाड़ गाड़ियों पर अब सरकार ने निर्णायक प्रहार की तैयारी कर ली है। अवैध, असुरक्षित और प्रदूषण फैलाने वाले इन वाहनों का संचालन जल्द ही बीते दिनों की बात होगा। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने राज्य के सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को निर्देश दिया है कि 8 तारीख के बाद जुगाड़ गाड़ियों के खिलाफ विशेष और सख्त अभियान चलाया जाए................

बिहार में जुगाड़ गाड़ी चलाना अब अपराध, DTO को मिले सख्त निर्देश, चालान और जब्ती तय

बिहार की सड़कों पर लंबे समय से नियमों को ठेंगा दिखाकर चल रही जुगाड़ गाड़ियों पर अब सरकार ने निर्णायक प्रहार की तैयारी कर ली है। अवैध, असुरक्षित और प्रदूषण फैलाने वाले इन वाहनों का संचालन जल्द ही बीते दिनों की बात होगा। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने राज्य के सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को निर्देश दिया है कि 8 तारीख के बाद जुगाड़ गाड़ियों के खिलाफ विशेष और सख्त अभियान चलाया जाए।यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और पटना हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को पूरी सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

दंडनीय अपराध है जुगाड़ गाड़ियों का संचालन
परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि जुगाड़ गाड़ियों का परिचालन केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध है। यह मामला सीधे तौर पर न्यायालय के आदेशों और आम जनता की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी डीटीओ को इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने और अपने-अपने जिलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।अभियान के तहत राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ-साथ शहरों और कस्बों में चल रही जुगाड़ गाड़ियों पर कार्रवाई होगी।अवैध वाहनों और उनके चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत चालान, जब्ती और अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे। विभाग का फोकस उन इलाकों पर रहेगा, जहां इस तरह के वाहन सबसे अधिक दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।

पूरी तरह अवैध और असुरक्षित हैं जुगाड़ गाड़ियां
परिवहन विभाग के अनुसार राज्य में चल रही जुगाड़ गाड़ियां डीजल पंप सेट, मोटरसाइकिल के हैंडल और रिक्शा या ठेला की बॉडी जोड़कर बनाई जाती हैं। इन वाहनों के पास न तो वैध पंजीकरण होता है, न फिटनेस प्रमाण पत्र, और न ही कोई सुरक्षा मानक।मंत्री ने कहा कि जुगाड़ गाड़ियां मोटर वाहन अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली 1989 और बिहार मोटर वाहन नियमावली 1992 के किसी भी प्रावधान पर खरी नहीं उतरतीं। इनके ब्रेक, लाइट, इंजन और प्रदूषण मानक पूरी तरह असुरक्षित होते हैं।

दुर्घटनाओं और प्रदूषण की बड़ी वजह
जुगाड़ गाड़ियां लगातार सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं और भारी मात्रा में प्रदूषण फैला रही हैं। धुआं उगलते ये वाहन शहरों की हवा को जहरीला बना रहे हैं। सरकार का मानना है कि इनके हटने से सड़क सुरक्षा मजबूत होगी और पर्यावरण को भी राहत मिलेगी।परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि अभियान के दौरान किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त और तय कार्रवाई की जाएगी।सरकार के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि अब बिहार की सड़कों पर अवैध जुगाड़ गाड़ियों के लिए कोई जगह नहीं होगी।