IGIMS नर्सिंग कॉलेज विवाद: वाइस प्रिंसिपल हटाई गईं, छात्राओं ने खत्म किया प्रदर्शन
पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) के नर्सिंग कॉलेज में पिछले 48 घंटे से जारी छात्राओं का आंदोलन शुक्रवार को समाप्त हो गया। स्वास्थ्य विभाग और संस्थान प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद छात्राओं ने धरना खत्म करने का ...
पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) के नर्सिंग कॉलेज में पिछले 48 घंटे से जारी छात्राओं का आंदोलन शुक्रवार को समाप्त हो गया। स्वास्थ्य विभाग और संस्थान प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद छात्राओं ने धरना खत्म करने का फैसला लिया।
छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और संस्थान निदेशक से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बाद प्रशासन ने अहम फैसला लेते हुए वाइस प्रिंसिपल रुपाश्री दासगुप्ता को सभी पांचों सेमेस्टर के अकादमिक कार्यों से तत्काल प्रभाव से अलग कर दिया।
अस्पताल सेवाएं भी हुई थीं प्रभावित
इसके साथ ही छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक जांच टीम का गठन किया गया है। छात्राओं का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद वे हॉस्टल और कक्षाओं में लौट गई हैं। बता दें कि प्रदर्शन के दौरान IGIMS अस्पताल का मुख्य गेट बाधित हो गया था, जिससे एंबुलेंस और डॉक्टरों की आवाजाही प्रभावित हुई। छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर मानसिक प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार और जानबूझकर परीक्षा में फेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
पोस्टर और नारों के साथ विरोध
छात्राओं का आरोप था कि प्रिंसिपल अनुजा डैनियल और वाइस प्रिंसिपल रुपाश्री दासगुप्ता उनके साथ दुर्व्यवहार करती हैं और कई शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।बता दें कि धरने के दौरान छात्राएं हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर बैठी थीं। पोस्टरों पर “कॉलेज कोठा नहीं है”, “मानसिक प्रताड़ना बंद करो”, “हमें न्याय चाहिए” और “प्रिंसिपल-वाइस प्रिंसिपल को बर्खास्त करो” जैसे नारे लिखे थे।
कार्रवाई के आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
प्रदर्शन में 2021 से 2025 बैच तक की करीब 450 छात्राएं शामिल थीं। छात्राओं ने बुधवार से ही कक्षाओं का बहिष्कार कर कॉलेज गेट पर धरना शुरू कर दिया था। कई महिला शिक्षिकाएं भी छात्राओं के समर्थन में सामने आई थीं।छात्राओं ने पहले साफ कहा था कि जब तक प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की पहल और जांच के आश्वासन के बाद आखिरकार शुक्रवार को धरना समाप्त कर दिया गया।













