‘हर-हर महादेव’ से गूंजेगा पटना, खाजपुरा शिव मंदिर में होगा भव्य समारोह
आज पावन पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर पटना की धरती भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित होने जा रही है। राजधानी.....
आज पावन पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर पटना की धरती भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित होने जा रही है। राजधानी की फिजाओं में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजेंगे और सड़कों पर आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ेगा।
आस्था और उत्सव का भव्य संगम
श्रीश्री महाशिवरात्रि महोत्सव शोभायात्रा अभिनंदन समिति के तत्वावधान में आज दोपहर बाद राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों से 30 भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। पारंपरिक गाजे-बाजे, मनमोहक झांकियों और धार्मिक प्रतीकों से सुसज्जित ये शोभायात्राएं शाम तक खाजपुरा शिव मंदिर पहुंचेंगी, जहां श्रद्धा और भक्ति का विराट संगम देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मुख्य समारोह स्थल पर विशेष तैयारियां की गई हैं। पूरे क्षेत्र को रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक झालरों और एलईडी सजावट से सुसज्जित किया गया है, जो वातावरण को और भी दिव्य बना देगा।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
मुख्य मंच पर नीतीश कुमार सहित कई प्रमुख नेता, मंत्री और धर्माचार्य उपस्थित रहेंगे। उनके साथ भाजपा नेता नीतिन नवीन तथा अन्य जनप्रतिनिधि शोभायात्राओं की आरती उतारेंगे।समारोह स्थल पर तीन भव्य मंच बनाए गए हैं।मुख्य मंच: झांकियों का अभिनंदन एवं सम्मान
द्वितीय मंच: भजन संध्या, तांडव नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां,तृतीय मंच: भव्य गंगा आरती का आयोजन होगा।
आकर्षण का केंद्र बनेगी 33 फीट ऊंचे शिवलिंग की प्रतिकृति
इस वर्ष आठ समितियां विराट रामायण मंदिर में स्थापित 33 फीट ऊंचे शिवलिंग की प्रतिकृति को अपनी झांकियों में शामिल कर रही हैं। यह दिव्य प्रतिरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा और भक्ति भाव को और प्रगाढ़ करेगा।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम
आयोजन समिति के संयोजक संजीव चौरसिया के अनुसार महोत्सव की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मुख्य स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, स्वच्छता, बिजली और पेयजल आपूर्ति की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की है।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 22 स्थानों पर पुष्प वर्षा तथा शरबत-पानी के स्टॉल लगाए गए हैं। प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों से अधिक हो सकती है, इसलिए भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।













