रामनवमी पर पटना में ट्रैफिक अलर्ट: महावीर मंदिर के आसपास नो-व्हीकल ज़ोन, जानें पूरी व्यवस्था
रामनवमी के मौके पर राजधानी पटना में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। महावीर.....
रामनवमी के मौके पर राजधानी पटना में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। महावीर मंदिर के आसपास किसी भी दिशा से वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह व्यवस्था 26 मार्च की रात 8 बजे से 27 मार्च की रात 11 बजे तक लागू रहेगी। रामनवमी के अवसर पर 26 मार्च की रात से ही प्रसाद लेकर श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने लगते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए दर्शन के लिए विशेष रूट तय किया गया है।
ऐसे पहुंचे मंदिर (दर्शन रूट)
श्रद्धालुओं की एंट्री वीर कुंवर सिंह पार्क के पश्चिमी गेट (आर ब्लॉक के पास) से होगी। यहां से लाइन लगाते हुए लोग पार्क, जीपीओ गोलंबर होते हुए महावीर मंदिर तक पहुंचेंगे। दर्शन के बाद निकासी डाकबंगला और गोरियाटोली रोड की ओर से होगी। वहीं आर ब्लॉक से जीपीओ और पटना जंक्शन की ओर वाहनों का परिचालन बंद रहेगा।महावीर मंदिर के आसपास और जंक्शन गोलंबर से वीणा सिनेमा रोड तक नो-एंट्री।डाकबंगला चौराहा से पटना जंक्शन के बीच सभी गाड़ियां प्रतिबंधित। गोरियाटोली और करबिगहिया से आने वाले वाहन जमाल रोड से यू-टर्न करेंगे।
वैकल्पिक ट्रैफिक व्यवस्था
डाकबंगला से जंक्शन आने वाले वाहन एग्जीबिशन रोड होते हुए गोरियाटोली तक जा सकेंगे।जेपी गोलंबर से आने वाले जुलूस स्वामीनंदन तिराहा–एसपी वर्मा रोड–न्यू डाकबंगला रोड होकर गुजरेंगे। वहीं पटना जंक्शन जाने वाले यात्रियों से ट्रैफिक पुलिस ने करबिगहिया एंट्री का उपयोग करने की अपील की है। यात्री कोतवाली थाना से बुद्ध मार्ग होते हुए जीपीओ ROB के जरिए करबिगहिया पहुंच सकते हैं।वहीं, बुद्ध मार्ग में जीपीओ फ्लाईओवर के नीचे वाहनों का परिचालन बंद रहेगा।
ऑटो-ई रिक्शा पर भी लगेगी रोक
बता दें कि 27 मार्च को शाम 5 बजे के बाद झांकियों के आगमन को देखते हुए बेली-बोरिंग रोड से आयकर गोलंबर की ओर ऑटो और ई-रिक्शा नहीं चलेंगे।गांधी मैदान जाने के लिए बोरिंग रोड चौराहा–राजापुर पुल रूट होकर जाना होगा।करबिगहिया स्टेशन जाने के लिए आर ब्लॉक फ्लाईओवर का उपयोग करना होगा।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे तय रूट और निर्देशों का पालन करें, ताकि रामनवमी का पर्व सुरक्षित और सुगम तरीके से संपन्न हो सके।













