बस-ट्रक से ओला-उबर ड्राइवरों तक को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, सड़क सुरक्षा पर परिवहन विभाग का बड़ा अभियान

सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने एक अहम पहल की है। अब केवल सरकारी वाहन चालक ही नहीं, बल्कि बस-ट्रक, ऑटो, टैक्सी एवं ओला-उबर जैसे निजी वाहनों के ड्राइवरों को भी सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस व्यापक प्रशिक्षण अभियान की औपचारिक शुरुआत....

बस-ट्रक से ओला-उबर ड्राइवरों तक को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, सड़क सुरक्षा पर परिवहन विभाग का बड़ा अभियान


सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने एक अहम पहल की है। अब केवल सरकारी वाहन चालक ही नहीं, बल्कि बस-ट्रक, ऑटो, टैक्सी एवं ओला-उबर जैसे निजी वाहनों के ड्राइवरों को भी सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस व्यापक प्रशिक्षण अभियान की औपचारिक शुरुआत मंगलवार से हो गई है।बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की ओर से मंगलवार को विश्वेश्वरैया भवन स्थित सभा कक्ष में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत तथा आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए कुल 329 वाहन चालकों ने भाग लिया।

परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा...
इस अवसर पर परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जन जागरूकता और चालकों का सही प्रशिक्षण भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे माह आयोजित किए जाएंगे और चरणबद्ध तरीके से विभिन्न श्रेणियों के वाहन चालकों को इसमें शामिल किया जाएगा।

गंभीर खतरों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया
प्रशिक्षण सत्र के दौरान चालकों को सड़क यातायात संकेतों की पहचान, लेन ड्राइविंग, निर्धारित गति सीमा का पालन, सुरक्षित ओवरटेकिंग, पैदल यात्रियों की सुरक्षा तथा हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होने वाले गंभीर खतरों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

प्रशिक्षकों ने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से बताया
बता दें कि प्रशिक्षकों ने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि छोटी-छोटी लापरवाहियां किस प्रकार जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। प्रशिक्षण में वाहन की फिटनेस, थकान की स्थिति में वाहन न चलाने, आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता बरतने और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर भी विशेष जोर दिया गया।परिवहन विभाग का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से वाहन चालकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।