वोटर अधिकार यात्रा से उठा नया विवाद, बाइक चोरी मामले ने कांग्रेस पर खड़े किए सवाल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा इन दिनों बिहार के अलग-अलग जिलों से गुजर रही है लेकिन इसी यात्रा के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कांग्रेस और महागठबंधन की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि राहुल गांधी की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी एक युवक की पल्सर 220 बाइक लेकर फरार हो गए। बाइक अनिल राय के नाम से रजिस्टर्ड बताई...

वोटर अधिकार यात्रा से उठा नया विवाद, बाइक चोरी मामले ने कांग्रेस पर खड़े किए सवाल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा इन दिनों बिहार के अलग-अलग जिलों से गुजर रही है लेकिन इसी यात्रा के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कांग्रेस और महागठबंधन की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि राहुल गांधी की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी एक युवक की पल्सर 220 बाइक लेकर फरार हो गए। बाइक अनिल राय के नाम से रजिस्टर्ड बताई जा रही है। 

बाइक मालिक का आरोप
अनिल राय के पुत्र शुभम सौरभ बताते हैं कि वे अपने ढाबे पर थे जहां सुरक्षाकर्मियों ने चाय पी और फिर बाइक मांगी। पहले मना करने पर भी दबाव बनाने पर बाइक दी गई। इसके साथ छह और बाइक भी ली गईं, जिनमें से छह सड़क किनारे फेंक दी गईं, लेकिन शुभम की बाइक कहीं नहीं मिली। बाइक लेकर सुरक्षाकर्मी आगे बढ़ गए और बाइक का कोई पता नहीं चला।

कई जिलों में खोजबीन
शुभम का कहना है कि उन्होंने अपनी बाइक की तलाश में सीतामढ़ी, ढाका, मोतिहारी जैसे कई जिलों का दौरा किया  लेकिन हर जगह यही जवाब मिला कि बाइक वहां नहीं है। इस दौरान करीब 15 से 20 हजार रुपये खर्च हो गए। शुभम ने यह भी दावा किया है कि उनके पास सुरक्षाकर्मियों की कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद है।बता दें कि राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा बीते 27 अगस्त को दरभंगा में थी। बाइक मालिक अपनी बाइक की खोज के लिए वोटर अधिकार यात्रा गुजरने वाले कई जिलों का दौरा किया लेकिन बाइक नहीं मिली। 

विवाद और सवाल
शुभम सौरभ ने दावा किया है कि राहुल गांधी के सुरक्षाकर्मी जबरन बाइक लेकर फरार हो गए। बता दें कि यह घटना उस वक्त हुई जब राहुल गांधी का रोड शो चल रहा था और भीड़ नारे लगा रही थी – “वोट चोर गद्दी छोड़”। इसी बीच सुरक्षाकर्मी बाइक लेकर निकल गए। वहीं राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान ऐसा कांड होने से राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नारे लगाते हुए जिन सुरक्षाकर्मियों ने चोरी की, वह खुद एक बड़ा विवाद बन गया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस से भी शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जाहिर है इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक आचरण, दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या राहुल गांधी की सुरक्षा टीम ऐसे दबाव और जबरन कब्जे का अधिकार रखती है? वहीं अगर आरोप सही है तो यह सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक मानी जाएगी।