सरकारी बसों को नुकसान पहुंचाने पर परिवहन विभाग की सख्ती,बसों पर लगा 36,500 रुपए जुर्माना
जमुई में निजी बस संचालकों की मनमानी पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार शाम जमुई–मलयपुर मुख्य मार्ग पर सघन जांच अभियान चलाया। निर्धारित परमिट समय से पहले बसें चलाने के आरोप में दो निजी बसों पर कुल 36,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत संचालित सरकारी बसों के संचालन में हो रही बाधाओं...
जमुई में निजी बस संचालकों की मनमानी पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार शाम जमुई–मलयपुर मुख्य मार्ग पर सघन जांच अभियान चलाया। निर्धारित परमिट समय से पहले बसें चलाने के आरोप में दो निजी बसों पर कुल 36,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत संचालित सरकारी बसों के संचालन में हो रही बाधाओं को देखते हुए की गई।
सतगामा मोहल्ले के पास चला अभियान
बता दें कि यह जांच अभियान सतगामा मोहल्ले के समीप ईएसआई विकास कुमार के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान के दौरान परिवहन विभाग के कर्मियों के साथ आधा दर्जन होमगार्ड जवान भी तैनात थे। जांच में सामने आया कि कुछ निजी बसें अपने निर्धारित परमिट समय से पहले ही सड़क पर उतार दी जा रही थीं, जिससे सरकारी बसों को आर्थिक नुकसान हो रहा था।
दबाव बनाने के लिए बीच सड़क पर खड़ी की बसें
कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई एक निजी बस के संचालक ने दबाव बनाने की नीयत से अपनी बस को मुख्य मार्ग पर ही खड़ा कर दिया। कुछ ही देर में एक अन्य निजी बस भी सड़क पर लाकर खड़ी कर दी गई। इस घटनाक्रम के कारण जमुई–मलयपुर मार्ग पर करीब 30 मिनट तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे यात्रियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। एसडीएम सौरभ कुमार ने तत्काल टाउन थाना की पुलिस को मौके पर भेजा। हालांकि उन्होंने मामले की विस्तृत जानकारी न होने की बात कही।
पहले सीज करने का निर्णय, बाद में जुर्माना
इस संबंध में ईएसआई विकास कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योजना के तहत संचालित सरकारी बसों के परमिट समय से पहले निजी बसों का संचालन लगातार सामने आ रहा है। जब एक बस को रोका गया तो संचालक ने दूसरी बस खड़ी कर दबाव बनाने की कोशिश की। प्रारंभ में दोनों बसों को सीज करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन वरीय पदाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद जुर्माना लगाकर बसों को छोड़ दिया गया।उन्होंने बताया कि एक बस से 24,500 रुपये और दूसरी बस से 12,000 रुपये, कुल 36,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
डीटीओ की चेतावनी
वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि बसों के संचालन समय को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योजना के तहत संचालित बसों के परमिट समय से पहले निजी बसों के चलने की शिकायतें मिली थीं। इस मुद्दे पर कमिश्नर की बैठक में भी चर्चा हो चुकी है और एक सप्ताह पूर्व जांच अभियान चलाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













