बिहार विधानसभा में सम्राट चौधरी का पलटवार -सत्ता किसी की बपौती नहीं.. संघर्ष से बना हूं मुख्यमंत्री
“सत्ता किसी की बपौती नहीं होती”—इस तीखे संदेश के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में विपक्ष पर पलटवार किया और अपनी संघर्षपूर्ण राजनीति का जिक्र करते हुए माहौल गरमा दिया....
“सत्ता किसी की बपौती नहीं होती”—इस तीखे संदेश के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में विपक्ष पर पलटवार किया और अपनी संघर्षपूर्ण राजनीति का जिक्र करते हुए माहौल गरमा दिया।बिहार विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों का जोरदार जवाब दिया। अपने संबोधन में उन्होंने साफ किया कि उनकी राजनीति किसी विरासत की देन नहीं, बल्कि संघर्ष की उपज है।
पूरा एनडीए एकजुट
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं होती। उन्होंने कहा कि वे 14 करोड़ बिहारवासियों के समर्थन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के आशीर्वाद से इस पद तक पहुंचे हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा एनडीए एकजुट है और बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ने कहा नीतीश कुमार को न राजनीति से हटाया जा सकता है और न ही दिल से।
केवल जनता के मुद्दों पर काम करना है
बता दें कि अपने राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उस दौर में उनके परिवार के 22 सदस्यों को जेल जाना पड़ा, और अगर वह समय नहीं आता तो शायद वे राजनीति में नहीं आते। इतना ही नहीं उम्र और शिक्षा को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1995 में अगर वे नाबालिग होते तो जेल नहीं, बल्कि बाल सुधार गृह भेजे जाते। वहीं उन्होंने डिग्री और एफिडेविट पर उठे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका फोकस केवल जनता के मुद्दों पर काम करना है।
भाजपा ने उन्हें हर स्तर पर अवसर दिया
सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि भाजपा ने उन्हें हर स्तर पर अवसर दिया। नेता प्रतिपक्ष से लेकर पार्टी अध्यक्ष, दो बार उपमुख्यमंत्री और अब मुख्यमंत्री तक। वहीं कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की नीति के अनुसार अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि गलत नजर डालने वालों को पाताल से भी खोज निकाला जाएगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्लॉक, अंचल और थानों की अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से मॉनिटरिंग होगी।













